यूनिक समय, मथुरा। धर्मनगरी के राजकीय जिला पुस्तकालय में गुरुवार को साहित्य का एक अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था प्रख्यात लेखक डॉ. संजय शर्मा ‘वागर्थ’ द्वारा रचित नवीन काव्य कृति ‘दोहा आलोक’ (अनुभव और अनुभूति के स्वर) के भव्य विमोचन समारोह का। इस कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध साहित्यकारों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य अतिथियों द्वारा पुस्तक का विमोचन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डॉ. रवींद्र सिंह एवं विशिष्ट अतिथि वित्त एवं लेखाधिकारी (माध्यमिक) शैलेन्द्र सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन और पुस्तक के विमोचन के साथ हुआ। विशिष्ट अतिथि शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि पुस्तकें केवल कागज का पुलिंदा नहीं होतीं, बल्कि समाज का मार्गदर्शन करने वाली मशाल होती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘दोहा आलोक’ साहित्य प्रेमियों के लिए एक 'मील का पत्थर' साबित होगी। मुख्य अतिथि डॉ. रवींद्र सिंह ने डॉ. शर्मा की साहित्यिक यात्रा की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके लेखन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लेखक की पहली काव्य कृति विमोचन के बाद अपने संबोधन में डॉ. संजय शर्मा ‘वागर्थ’ ने बताया कि यद्यपि उनकी कई पुस्तकें शैक्षणिक विषयों पर प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन साहित्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय विधा 'दोहा' पर आधारित यह उनकी प्रथम कृति है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में जीवन के अनुभवों और अनुभूतियों को दोहों के माध्यम से पिरोने का प्रयास किया गया है। साहित्यकारों का उमड़ा सैलाब कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राजीव पाण्डेय ने पुस्तक की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। अन्य वक्ताओं ने भी डॉ. वागर्थ के कार्यों पर प्रकाश डाला। संस्कृत भारती के प्रांतीय मंत्री डॉ. धर्मेन्द्र अग्रवाल ने संस्कृत और हिन्दी साहित्य में लेखक के सक्रिय योगदान को रेखांकित किया। जिला समन्वयक श्यामसुंदर शर्मा ने पुस्तकों को मनुष्य का सबसे सच्चा मित्र बताया। डॉ. अनिरुद्ध अवस्थी ने पुस्तक के कुछ अंशों का काव्यपाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस गौरवमयी क्षण के साक्षी बनने वालों में राजकीय जिला पुस्तकालय की अध्यक्षा डॉ. शारदा मिश्रा, बीएसए कॉलेज की पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. किरण चौधरी, जिला अध्यक्ष बिजेंद्र नागर, हिन्दी प्रवक्ता राजकुमार तिवारी, आशीष मिश्रा, रामदास चतुर्वेदी और गंगाधर अरोड़ा सहित देवेंद्र सिंह, पवन अवस्थी और संध्या वाजपेयी जैसे अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा झटका; खलील अहमद पूरे सीजन से बाहर, धोनी की फिटनेस ने भी बढ़ाई टेंशन [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]