यूनिक समय, मथुरा। बरसाना में पेट्रोल पंप संचालक एवं अधिवक्ता दिवाकर शर्मा के अपहरण, उन्हें बंधक बनाने और बेरहमी से मारपीट करने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने पीड़ित के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर इस मामले में 44 आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने बाजार बंद रखा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया। सोमवार को अधिवक्ता दिवाकर शर्मा के साथ पूर्व चेयरमैन और उनके सहयोगियों द्वारा की गई मारपीट की घटना से कस्बे में भारी आक्रोश देखा गया। विरोध स्वरूप व्यापारियों ने दोपहर से ही अपनी दुकानें बंद रखीं। वहीं, सर्व समाज और विभिन्न व्यापारी संगठनों ने शाम पांच बजे महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया। पंचायत में मुख्य रूप से दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान करने की मांग उठाई गई। रविवार को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पूरे कस्बे में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। क्या था पूरा मामला? गौरतलब है कि रविवार शाम भूमि और रास्ते के विवाद को लेकर पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी के समर्थकों ने परमार रिसोर्ट के पास से अधिवक्ता दिवाकर शर्मा का रिवाल्वर की नोक पर अपहरण कर लिया था। इसके बाद उन्हें छाता रोड स्थित एक मकान में बंधक बनाकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद अधिवक्ता को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। समाचार लिखे जाने तक महापंचायत जारी थी, जिसके कारण वहां लिए गए अंतिम निर्णय की जानकारी अभी प्रतीक्षित है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरों पर सरकार का ‘फुल स्टॉप’; “देश में पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं” [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]