यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा और तगड़ा बम फूटा है। बीते कुछ ही हफ्तों में दूध, पेट्रोल-डीजल और सीएनजी (CNG) के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद अब यूपी के लोगों की जेब पर बिजली का एक और बड़ा बोझ बढ़ा दिया गया है। प्रदेश में अब बिजली की दरें महंगी हो गई हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को अगले ही महीने यानी जून से बढ़ा हुआ बिल चुकाना होगा। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल में 10 फीसदी तक एक्स्ट्रा चार्ज (अतिरिक्त शुल्क) लगाने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क का झटका सामने आई जानकारी के मुताबिक, अगले महीने की शुरुआत से ही उत्तर प्रदेश के 3 करोड़ से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगने जा रहा है। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह बढ़ा हुआ 10 फीसदी शुल्क जून महीने के बिजली बिल के साथ जोड़कर भेजा जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब उपभोक्ताओं को अपने नियमित बिजली बिल के अलावा 10 फीसदी अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उपभोक्ता का सामान्य बिल 1000 रुपये आता था, तो अब उसे 100 रुपये अतिरिक्त जोड़कर कुल 1100 रुपये चुकाने होंगे। घरेलू और व्यावसायिक दोनों वर्ग प्रभावित पावर कॉरपोरेशन के इस बड़े फैसले का सीधा असर प्रदेश के लाखों-करोड़ों घरेलू (Residential), व्यावसायिक (Commercial) और अन्य सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। इस मूल्य वृद्धि को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि वर्तमान में बिजली उत्पादन और बिजली खरीद में अतिरिक्त लागत आ रही है। इसी अतिरिक्त लागत की भरपाई करने के उद्देश्य से उपभोक्ताओं पर 'फ्यूल सरचार्ज' लगाया जा रहा है, जिसके तहत अब उपभोक्ताओं के मासिक बिल में यह शुल्क अलग से जोड़कर वसूला जाएगा। जनता में भारी आक्रोश बिजली विभाग का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर प्रदेश की जनता भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति की समस्या से बुरी तरह त्रस्त है। प्रदेश के कई हिस्सों और खासकर ग्रामीण व कस्बाई इलाकों से बिजली संकट, खंभे-तार टूटने और ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस तपती गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही ट्रिपिंग और घंटों गुल रहने वाली बिजली से जूझ रहे हैं। ऐसे संकट के समय में बिजली बिल में 10 फीसदी का अतिरिक्त भार डाल दिए जाने से आम उपभोक्ताओं का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है, जिससे जनता के बीच बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: मथुरा में बिजली संकट पर हाहाकार; जनता ने सड़क जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]