यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन प्रचंड रूप ले चुका है। अनाज की बोरियां, बर्तन, बिस्तर और एक सप्ताह का राशन लेकर नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन और सीहोर से आए हजारों किसान भोपाल में प्रवेश कर चुके हैं और सावरकर सेतु व 11 मील के पास डेरा डाले हुए हैं। किसानों द्वारा मुख्यमंत्री आवास के घेराव के एलान को देखते हुए राजधानी में पुलिस अलर्ट पर है और कई इलाकों के स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। वहीं स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने शिवराज सिंह को लिखा पत्र मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीद की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है। पत्र के अनुसार, राज्य में 14 मई से 3 जुलाई 2026 के बीच लगभग 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है, जबकि वर्तमान में केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीद का ही लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का तर्क है कि इस सीमित लक्ष्य के कारण प्रदेश के लाखों किसान एमएसपी के लाभ से वंचित रह जाएंगे। PSS की 25% सीमा के विरोध में भड़के किसान संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले 19 किसान संगठनों की अगुवाई में चल रहे इस आंदोलन का मुख्य कारण मूंग खरीद में लागू बंदिशें हैं। किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ने अरहर, उड़द और मसूर की 100% खरीद की व्यवस्था की है, लेकिन मूंग की खरीद 'प्राइस सपोर्ट स्कीम' (PSS) के तहत कुल उत्पादन के मात्र 25% तक ही सीमित रखी गई है। इस नियम के कारण किसानों को अपनी बाकी उपज खुले बाजार में औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वर्तमान में बाजार में मिल रहे भाव वर्ष 2026-27 के लिए तय ₹8,768 प्रति क्विंटल के एमएसपी से बेहद कम हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसान नेता संतोष पटवारी और गजेंद्र सिंह जाट ने स्पष्ट किया कि पिछले 20 दिनों से शांतिपूर्ण ज्ञापन देने के बावजूद जब सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो किसानों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा। सड़कों पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग नर्मदापुरम के सेठानी घाट से शुरू हुई यह 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' ओबेदुल्लागंज और मंडीदीप होते हुए भोपाल की सीमाओं तक पहुंची है। पुलिस द्वारा जगह-जगह बहुस्तरीय बैरिकेडिंग लगाए जाने के बावजूद किसान रास्ते बनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। किसान नेताओं ने साफ किया है कि यदि पुलिस उन्हें रोकेगी, तो वे वैकल्पिक रास्तों से मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचेंगे और अपनी मांगें मनवाकर ही दम लेंगे। किसानों की 5 प्रमुख मांगें मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि हजारों किसान परिवार सड़कों पर डटे हैं और अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों ने सरकार के समक्ष 5 मुख्य मांगें रखी हैं: मूंग की फसल की 100% एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए। बुआई के सीजन में खाद की पर्याप्त और सुचारू उपलब्धता हो। कृषि और किसानों के हित प्रभावित करने वाली अमेरिका से ट्रेड डील रद्द की जाए। चुनाव के दौरान किसानों से की गई 'मोदी गारंटी' को तुरंत पूरा किया जाए। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: जैंत के बाटी गांव में महिला का गला कटा शव मिलने से हड़कंप; जाँच में जुटी पुलिस ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]