यूनिक समय, नई दिल्ली। महाराष्ट्र की पावरलूम नगरी भिवंडी में गुरुवार देर रात एक भीषण हादसा हो गया, जहां बालाजी नगर स्थित 'कोहिनूर बिल्डिंग' नामक चार मंजिला इमारत का 'बी' विंग अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 से 8 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के वक्त इमारत के खंभों की रिपेयरिंग का काम चल रहा था। गुरुवार रात 11:30 बजे हुआ हादसा अधिकारियों और चश्मदीदों के अनुसार, दुर्घटना गुरुवार रात करीब 11:30 बजे हुई। रात करीब 9 बजे ही स्थानीय लोगों ने इमारत से तेज दरारें पड़ने जैसी आवाजें सुनी थीं, जिसके बाद खतरे को भांपते हुए लोगों ने समय रहते कई परिवारों को बाहर निकाल लिया था। देर रात इमारत थोड़ी झुक गई और खंभों की मरम्मत कर रहे कई मजदूर बाहर की ओर भागे, लेकिन इससे पहले कि बाकी लोग निकल पाते, इमारत का एक हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। घटना के बाद एनडीआरएफ की टीम ने मलबे से शव बरामद करने के साथ ही एक महिला को जिंदा बाहर निकाला है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पीड़ितों ने सुनाई आपबीती हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने उस भयानक रात का आंखों देखा मंजर बयां किया। हादसे में बचे दीपक कुमार यादव ने बताया कि वे रात का खाना खाकर सो चुके थे, तभी जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और अफरातफरी के बीच उन्होंने पहली मंजिल से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं, स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने रुंधे गले से बताया कि उनके पति रंजीत सिंह नीचे कुछ चेक करने गए थे और 10 मिनट बाद ही बिल्डिंग गिर गई। रंजीत तब से लापता हैं और उनके फोन पर घंटी तो जा रही है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है। नगर निगम ने पहले ही घोषित किया था खतरनाक भिवंडी नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस चार मंजिला इमारत में कुल 48 कमरे थे (प्रति मंजिल 12 कमरे)। नगर निगम द्वारा इस पूरी इमारत को पहले ही 'खतरनाक' (Dilapidated) घोषित किया जा चुका था और इसके पिलर्स की मरम्मत का काम किया जा रहा था। NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं। मलबे में फंसे लोगों को तलाशने के लिए डॉग स्क्वॉड, 4 दमकल गाड़ियां, 2 एंबुलेंस और भारी क्रेन व पोकलेन मशीनें तैनात की गई हैं। अधिकारी मलबे से हर एक जिंदगी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल हुए 25 नए स्थल; भारत के ‘सारनाथ’ को मिली वैश्विक पहचान, कुल संख्या पहुंची 1,273 ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]