यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत की विशाल और पारदर्शी चुनावी व्यवस्था की जमकर तारीफ की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक पोस्ट में ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत पर बल देते हुए भारत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में हर एक नागरिक के लिए वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य है, जबकि अमेरिका में ऐसी सख्त व्यवस्था का अभाव है। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सवाल का दिया हवाला डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विशेष रूप से उल्लेख किया। ट्रंप का दावा है कि इस महीने की शुरुआत में भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त ने अमेरिकी प्रशासन से यह सवाल पूछा था कि बिना किसी वैध फोटो पहचान पत्र के अमेरिका में चुनाव कैसे संपन्न कराए जाते हैं। ट्रंप ने इस बातचीत को अमेरिका में चुनावी प्रक्रिया और नियमों में सुधार लाने के पक्ष में एक मजबूत और बड़ा उदाहरण माना है। 64.6 करोड़ मतदाताओं का आंकड़े सहित उदाहरण ट्रंप ने भारतीय मतदान व्यवस्था के आंकड़े साझा करते हुए लिखा कि भारत के पिछले आम चुनावों में 64.6 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इतने विशाल मतदाता वर्ग में हर एक नागरिक के पास सरकार द्वारा जारी वैध फोटो पहचान पत्र होना अनिवार्य था। इसके साथ ही भारत में केवल 1 प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक (पोस्टल बैलेट) के जरिए वोट डाला, जबकि अमेरिका में बड़े पैमाने पर डाक से वोटिंग होती है। SAVE America Act पारित करने की जोरदार मांग भारतीय प्रणाली का उदाहरण देते हुए ट्रंप ने अमेरिकी संसद और प्रशासन से SAVE America Act को तुरंत पारित करने की पुरजोर वकालत की। यह प्रस्तावित कानून अमेरिकी संघीय चुनावों (Federal Elections) के दौरान मतदाता पंजीकरण के समय अमेरिकी नागरिकता का पक्का दस्तावेजी प्रमाण और पहचान संबंधी नियमों को सख्त बनाने का काम करेगा। ट्रंप लंबे समय से मतदाता पहचान पत्र अनिवार्य करने और चुनावी प्रणाली को सुरक्षित बनाने की मांग करते रहे हैं। पहले भी भारत का दे चुके हैं उदाहरण डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत की वोटर ID प्रणाली की सराहना का यह पहला मामला नहीं है। मार्च 2025 में जारी अपने एक आधिकारिक कार्यकारी आदेश (Executive Order) में भी ट्रंप ने भारत और ब्राजील का उदाहरण पेश किया था। उन्होंने कहा था कि इन देशों में मतदाता पहचान और सत्यापन प्रक्रिया बेहद मजबूत है, जबकि अमेरिका काफी हद तक नागरिकता के स्व-घोषणा (Self-Declaration) पर निर्भर रहता है। उन्होंने माना था कि विश्व के कई अन्य लोकतांत्रिक देशों में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया अमेरिका से अधिक पारदर्शी और सख्त है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Bhind Accident: भिंड में भीषण सड़क हादसा; एनएच-719 पर ट्रक से टकराई तेज रफ्तार पिकअप, 8 मजदूरों की मौत, 23 घायल ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]