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ओमिक्रॉन: दिल्ली में यलो अलर्ट, मेट्रो-बसों में बैठेंगे 50% लोग, ये भी पाबंदियां

by Raju Chaurasia • December 28, 2021
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नई दिल्ली। नए वैरिएंट ​ओमिक्रॉन से देश में चिंता बढ़ी गई है। देश के लगभग 21 राज्यों में संक्रमण फैला दिया है। अभी तक राहत की बात है कि इसका डेल्टा वैरिएंट की तरह कोई घातक नतीजा सामने नहीं आया है। इस बीच राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत देश में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 142.70 करोड़ को पार कर गया है। इस बीच बीसीसीआई अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उन्हें कोलकाता के वुडलैंड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मौज़ूदा COVID 19 की स्थिति पर आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मास्क पहनकर रखें। इस बीच दिल्ली में यलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। यानी दिल्ली में ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू होगा। बता दें कि ‘येलो’ अलर्ट तब जारी किया जाता है, जब कोविड संक्रमण दर लगातार दो दिनों तक 0.5 प्रतिशत से अधिक रहती है। इसमें रात्रि कर्फ्यू, स्कूलों व कॉलेजों को बंद करना, गैर आवश्यक सामान की दुकानों को ऑड-ईवन आधार पर खोलना और मेट्रो ट्रेनों व सार्वजनिक परिवहन की बसों में यात्रियों के बैठने की क्षमता आधी करने जैसी पाबंदियां लगाई जाती हैं।

केजरीवाल ने कहा कि पिछले 2-3 दिनों से कोविड के पॉजिटिव मामलों में 0.5% की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसलिए ‘येलो अलर्ट’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। कुछ चीज़ों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। इसके विस्तृत आदेश बहुत ज़ल्द आपके सामने आ जाएंगे।

दिल्ली में सोमवार कोरोना के 331 मामले सामने आये थे, बता दें कि कोरोना संक्रमण दर छह जून के बाद से सबसे अधिक है। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली सरकार ने सोमवार से नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। नाइट कर्फ्यू की अवधि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक है।

यलो अलर्ट के तहत दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान और कोचिंग संस्थान बंद किए जा सकते हैं। वहीं, इसके तहत प्रावधान है कि ऑड-ईवन नियम के तहत गैर-जरूरी सेवाओं या सामान वाली दुकानें और मॉल सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुलेंगे।

Omicron वैरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच कर्नाटक ने मंगलवार से 10 दिनों के लिए 7 घंटे के नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है। इससे पहले महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश ने रात में कर्फ्यू और कोविड प्रोटोकॉल की नई गाइडलाइन लागू कर दी है।

केंद्र सरकार ने केरल, महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, कर्नाटक, बिहार, उत्‍तर प्रदेश, झारखंड और पंजाब में मल्‍टी-डिसिप्लिनरी टीमें भेजने का फैसला किया है। ये वो राज्य हैं, जहां कोरोना के सबसे अधिक केस सामने आ रहे हैं।

पिछले 24 घंटों में 72,87,547 वैक्सीन खुराक के के साथ भारत का COVID-19 टीकाकरण कवरेज आज सुबह 7 बजे तक 142.47 करोड़ (1,42,46,81,736) से अधिक हो गया है। यह 1,51,91,424 सत्रों के माध्यम से हासिल किया गया है। पिछले 24 घंटों में 6,450 रोगियों के ठीक होने से (महामारी की शुरुआत के बाद से) ठीक होने वाले रोगियों की संख्या बढ़कर 3,42,43,945 हो गई है। नतीजतन, भारत की रिकवरी दर 98.40% है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। पिछले 61 दिनों में 15,000 से कम नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 6,358 नए मामले सामने आए हैं। भारत का सक्रिय केसलोएड यानी एक्टिव केस वर्तमान में 75,456 पर हैं। सक्रिय मामले देश के कुल सकारात्मक मामलों का 0.22% हैं, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है।

देश भर में परीक्षण क्षमता का विस्तार जारी है। पिछले 24 घंटों में कुल 10,35,495 परीक्षण किए गए। भारत ने अब तक 67.41 करोड़ (67,40,78,531) परीक्षण किए हैं। पिछले 44 दिनों से साप्ताहिक सकारात्मकता दर 0.64% 1% से कम है। दैनिक सकारात्मकता दर 0.61% बताई गई। पिछले 85 दिनों से दैनिक सकारात्मकता दर 2% से नीचे और लगातार 120 दिनों से 3% से नीचे बनी हुई है।

सरकार के माध्यम से अब तक राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को 149.06 करोड़ (1,49,06,76,985) से अधिक वैक्सीन खुराक प्रदान की जा चुकी हैं। 16.80 करोड़ से अधिक (16,80,89,481) वैक्सीन अभी राज्यों के पास उपलब्ध हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

27 दिसंबर को केंद्रीय हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण(Union Health Secretary Shri Rajesh Bhushan) ने COVID19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया उपायों और इन राज्यों में टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा करने के लिए उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, उत्तर प्रदेश और पंजाब के पांच मतदान वाले राज्यों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। इसमें राज्यों को सलाह दी गई थी कि वे पहली खुराक के लिए सभी पात्र आबादी के COVID19 टीकाकरण में तेजी लाएं और यह सुनिश्चित करें कि जिन लोगों को दूसरी खुराक दी जानी है उन्हें दूसरी खुराक दी जाए।

 

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