बेंगलुरु। कर्नाटक के उडुपी से शुरू हुए हिजाब विवाद को लेकर फेसबुक पर पोस्ट करने पर कर्नाटक के शिवमोगा बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या के बाद तनाव फैल गया है। यहां दो दिनों के लिए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। उपद्रवियों ने सीगेहट्ठी इलाके में कई वाहनों को आग लगा दी। मामला रविवार रात करीब 9 बजे का है। 26 साल के हर्षा पर चाकू से हमला किया गया था। न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा-"बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या से बहुत आहत हूं। वह 'मुसलमान गुंडों' (मुस्लिम गुंडों) द्वारा मारा गया था। मैं अब स्थिति का विश्लेषण करने के लिए शिवमोग्गा जा रहा हूं। हम गुंडागर्दी नहीं होने देंगे। ईश्वरप्पा ने मीडिया के सामने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भड़काने पर ही हिंसा हुई, क्योंकि उन्होंने पहले बयान दिया था कि तिरंगा हटाकर भगवा फहराया गया है। गृहमंत्री ने बताया कि शिवमोगा में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा के लिहाज से स्कूल-कॉलेज दो दिन के लिए बंद किए गए हैं। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी नहीं कह रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के बाद ही कुछ स्प्ष्ट कहा जा सकता है। इसी बीच शहर में तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है। सुरक्षाबलों ने उपद्रवियों को चेतावनी देने के मकसद से मैंगलोर में फ्लैग मार्च किया।। https://twitter.com/MadrasTelegram/status/1495622170013503490?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1495622170013503490%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2FMadrasTelegram%2Fstatus%2F1495622170013503490%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw इधर, बजरंग दल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से खुश नहीं है। बजरंग दल के नेता रघु सकलेशपुर ने NDTV से कहा कि हर्षा उनका सक्रिय कार्यकर्ता था। अगर पुलिस ने सख्त एक्शन नहीं लिया, तो बजरंग दल आगे की रणनीति तैयार करेगा। इस बीच शिवमोगा में रविवार रात को कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुआ। इसके बाद पुलिस तैनात की गई है। कर्नाटक के राजस्व मंत्र आर. अशोक ने कुछ दिन पहले एक बयान दिया था। इसमें कहा था कि हिजाब विवाद के पीछे कांग्रेस की राजनीति है। उन्होंने कहा सरकार हिजाब या केसरिया के पक्ष में नहीं है। स्टूडेंट्स गलियों में जो चाहें पहनें, लेकिन स्कूलों में ड्रेस कोड अनिवार्य है।