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गंगा स्नान के बाद महंत नरेंद्र गिरि को मठ के अंदर ही भू—समाधि दी गई

by Raju Chaurasia • September 22, 2021
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प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत पर अभी भी रहस्य बना हुआ है। आज उन्हें भू-समाधि दी गई। महंत ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि बलवीर गिरी मेरी समाधि पार्क में नींबू के पेड़ के पास दी जाए। यही मेरी अंतिम इच्छा है। धनंजय विद्यार्थी मेरे कमरे की चाबी बलवीर गिरी को दे देना। बहरहाल, आज सुबह महंत नरेंद्र गिरी का 5 डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। दोपहर बाद बाघंबरी मठ में ही महंत को भू-समाधि दी गई। महंत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंची भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में शहरी क्षेत्र के 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज में छुट्‌टी कर दी गई थी।

प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरि का पोस्टमॉर्टम सुबह करीब 10 बजे पूरा हुआ। यह सुबह 8 बजे शुरू हुआ था। महंत नरेंद्र गिरि महाराज के पार्थिव शरीर को समाधि दिए जाने से पहले स्नान कराने के लिए संगम ले जाया गया। वहां कुछ धार्मिक क्रिया-कर्म पूरे किए गए।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद अंतिम यात्रा के दौरान मौजूद रहे।

पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आनंद गिरी से करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने आद्या तिवारी और आनंद गिरि को आमने-सामने बैठाया। पुलिस ने सुसाइड नोट, हैंड राइटिंग को लेकर भी सवाल किए।

अपने सुसाइड नोट के 8वें पन्ने में महंत नरेंद्र गिरी ने बाघंबरी गद्दी मठ का उत्तराधिकारी बलवीर गिरी को घोषित किया है। इसके अलावा अपने प्रिय शिष्यों के नाम वसीयत लिखकर भी गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को जब महंत को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, तब उन्होंने बलवंत गिरी से बातचीत भी की थी। बता दें कि महंत की संदिग्‍ध हालात में सोमवार को मौत हो गई थी। उनकी लाश फंदे पर लटकी मिली थी, लेकिन मामले की जांच Murder के एंगल से भी की जा रही है।

महंत के प्रिय शिष्य बलवंत गिरी ने दावा किया कि सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरी की हैंड राइटिंग नहीं है। बलवंत गिरी का कहना है कि महंत ने कभी उनसे कोई परेशानी शेयर नहीं की। वे अपनी हर जिम्मेदारी के लिए हमेशा तैयार रहे। आईजी केपी सिंह के अनुसार, सोमवार शाम जब 5.25 बजे नरेंद्र गिरी के शिष्य बबलू ने फोन पर सूचना दी थी कि उन्होंने फांसी लगा ली है। गिरी दोपहर का भोजन करने के बाद आराम करने चले गए थे। जब काफी देर तक वे कमरे से बाहर नहीं निकले, तब शिष्यों ने पहले उन्हें फोन किया था।

महंत नरेंद्र गिरी ने करीब 13 पेजों का यह सुसाइड नोट श्री मठ बाधम्बरी गद्दी के लेटर पेड पर लिखा हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा- मैं महंत नरेंद्र गिरी, मेरा मन आज बहुत ही विचलित हो गया है। इसके पीछे का कारण आनंद गिरी है। मुझे सूचना मिली है कि वह किसी लड़की की फोटो कम्प्यूटर के जरिए मेरे साथ लगाकर मुझे बदनाम करना चाहता है। मैं कहां तक आनंद गिरि को सफाई दूंगा। आखिर किस-किस को सच बताऊंगा। मैं बदनाम हो गया तो कैसे जी पाऊंगा। इसलिए अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं।

ADG(L&O) प्रशांत कुमार ने बताया कि नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसका नाम महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में सुसाइड नोट में भी है। आनंद गिरी को उसी दिन पुलिस हिरासत में लिया गया था। इस मामले में पुलिस ने लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप को भी हिरासत में लिया है। सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरी ने इनके नामों का भी उल्लेख किया है।

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