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विस्फोट के बाद फैक्टरी के आधा किलोमीटर तक बिखरे पड़े थे शवों के टुकड़े

by tanuja • February 6, 2024

विस्फोट के बाद फैक्टरी के आधा किलोमीटर तक बिखरे पड़े थे शवों के टुकड़े

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बस्तीवाले शवों को कपड़ों से ढक रहे थे। फैक्टरी के पास से गुजरने वाली सड़क से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक भी घायल हो गए। फैक्टरी का मलबा उड़कर उन्हें लगा। लोहे के 10-15 किलो के एंगल उड़कर खेतों में आ गए थे।
हरदा की पटाखा फैक्टरी सोमेश फायर वर्क में हुए विस्फोट के बाद आसपास रहने वाले लोगों को लगा कि भूकंप आया हो। घरों के खिड़की के शीशे टूट गए। बर्तन जमीन पर गिर पड़े और कच्चे मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं।
फैक्टरी के आधा किलोमीटर के दायरे में तो भयावह स्थिति है। शवों के टुकड़े बिखरे मिले। कहीं पैर पड़े थे तो कहीं धड़। सड़क से गुजर रहे लोग भी हादसे का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद हरदा में एम्बुलेंस, दमकलों के सायरन ही गूंज रहे हैं। इस घटना का आंखों देखा हाल फैक्टरी से एक किलोमीटर दूर बेरागढ़ वार्ड में रहने वाले जितेंद्र सैनी ने बताया। यदि उनकी बातों पर गौर करें तो हादसे में बड़ी संख्या में लोग शिकार हुए हैं।
मैं सुबह घर पर ही था। 11 बजे अचानक धमका हुआ। खिड़की के शीशे टूट गए। बाहर निकल कर देखा तो आसमान में आग का गुबार नजर आया। चारों तरफ धुआं ही धुआं था। लगातार विस्फोट हो रहे थे। फैक्टरी के आसपास के खेतों मे शवों के टुकड़े बिखरे पड़े थे। किसी का सिर गायब था जो किसी का हाथ।

बस्तीवाले शवों को कपड़ों से ढक रहे थे। फैक्टरी के पास से गुजरने वाली सड़क से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक भी घायल हो गए। फैक्टरी का मलबा उड़कर उन्हें लगा। लोहे के 10-15 किलो के एंगल उड़कर खेतों में आ गए थे। हरदा के आसपास में पैर रखने की जगह नहीं है। फैक्टरी में काम करने वाले लोगों के परिजन बदहवास हालत में घूम रहे हैं। फोन लगाकर फैक्टरी में गए श्रमिकों की सलामती की तसल्ली परिजन कर रहे थे।

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