यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही बाधित होने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा को संबोधित किया। पीएम ने देश को आश्वस्त किया कि युद्ध के इस माहौल में भी सरकार भारत की ऊर्जा रीढ़ और किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमले और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बाधा डालना भारत को कतई स्वीकार्य नहीं है। ऊर्जा सुरक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अपनी ऊर्जा निर्भरता का प्रभावी विविधीकरण (Diversification) किया है, जिसके तहत तेल और गैस आपूर्ति वाले देशों की संख्या 27 से बढ़कर 41 हो गई है; साथ ही देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक कच्चा तेल भंडार (Strategic Reserve) मौजूद है और 65 लाख मीट्रिक टन के अतिरिक्त भंडार पर काम चल रहा है, वहीं पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण और रेलवे के पूर्ण विद्युतीकरण जैसे कदमों से देश को सालाना 180 करोड़ लीटर तेल की बड़ी बचत हो रही है। होर्मुज संकट और कूटनीतिक प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत का 60% एलपीजी (LPG) आयात इसी मार्ग से होता है, और निरंतर कूटनीतिक वार्ताओं के परिणामस्वरूप वहां फंसे कई भारतीय जहाज अब सुरक्षित वापस आ चुके हैं; साथ ही, सरकार ने एक 'इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप' का गठन किया है जो दैनिक आधार पर बैठक कर आयात-निर्यात की स्थिति की निगरानी कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में उत्पन्न चुनौतियों का त्वरित समाधान निकाल रहा है। अन्नदाताओं की सुरक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक युद्ध संकट के कारण खाद की कीमतों में आए उछाल पर चर्चा करते हुए बताया कि सरकार ने किसानों को सब्सिडी का सुरक्षा कवच प्रदान किया है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की बोरी ₹3000 तक पहुँचने के बावजूद भारतीय अन्नदाताओं को यह मात्र ₹300 में उपलब्ध कराई जा रही है; इसके साथ ही, आत्मनिर्भरता की दिशा में पिछले दशक में 6 नए यूरिया प्लांट स्थापित किए गए हैं और 'नैनो यूरिया' व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर विदेशी आयात पर निर्भरता कम की जा रही है, जबकि सिंचाई के लिए डीजल पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से अब तक 22 लाख से अधिक सोलर पंप वितरित किए जा चुके हैं। शांति और कूटनीति का संदेश पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा, "बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है। हम सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।" साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि संकट का गलत फायदा उठाने वाले तत्वों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: UP News: योगी कैबिनेट का अन्नदाताओं को ‘बंपर गिफ्ट’; गेहूं की MSP में ₹160 का भारी इजाफा [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]