यूनिक समय, नई दिल्ली। राम नगरी अयोध्या में सरयू तट के निकट स्थित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ स्थल पर शनिवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राम मंदिर से महज 800 मीटर की दूरी पर स्थित करीब एक एकड़ में फैला यह विशाल पंडाल देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गया। गनीमत यह रही कि यह हादसा यज्ञ की पूर्णाहुति और श्रद्धालुओं के प्रस्थान के ठीक बाद हुआ, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सरयू नदी के किनारे आयोजित इस महायज्ञ के एक पंडाल में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। चूंकि यज्ञ का मुख्य अनुष्ठान समाप्त हो चुका था, इसलिए यज्ञशाला उस समय लगभग खाली थी। डीएम ने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि या अन्य गंभीर चोट की खबर नहीं है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर मुस्तैद हैं और दमकल की गाड़ियों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया। एहतियात के तौर पर पुलिस बल वहां मौजूद भीड़ को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजने में जुटा है। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, इस भव्य अनुष्ठान के अंतिम दिन 1,251 हवन कुंडों में आहुतियां दी जा रही थीं और करीब 5,000 से अधिक श्रद्धालु वहां मौजूद थे। दोपहर लगभग 12 बजे जब यज्ञ संपन्न हुआ और अधिकांश लोग पंडाल से बाहर निकल चुके थे, तभी संभवतः अनुष्ठान के दौरान नारियल फोड़ते समय निकली एक चिंगारी कपड़े के पंडाल पर जा गिरी। सूखे कपड़ों और लकड़ी के ढांचे के कारण आग ने तेजी पकड़ी और कुछ ही मिनटों में पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया। यदि यह घटना अनुष्ठान के बीच में हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन आग लगने के सटीक कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Tech: 1 अप्रैल से बदल जाएगा ऑनलाइन पेमेंट का तरीका; अब केवल OTP से नहीं चलेगा काम, लागू होगा ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’