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Breaking News: ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का दूसरा चरण आज रात 12 बजे से शुरू, 12 राज्यों में होगा क्रियान्वयन

by Tarun Bhardwaj • October 27, 2025
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यूनिक समय, नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा कर दी है। यह प्रक्रिया आज रात 12 बजे (मध्यरात्रि) से शुरू होगी और इसमें देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को शामिल किया जाएगा। इस व्यापक पुनरीक्षण के बाद, इन सभी क्षेत्रों में नई मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।

SIR के दूसरे चरण में शामिल क्षेत्र:

दूसरे चरण में अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुद्दुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल में गहन पुनरीक्षण किया जाएगा।

SIR की आवश्यकता और इतिहास:

चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची को कानून के तहत ‘हर चुनाव से पहले’ या ‘आवश्यकतानुसार’ संशोधित किया जाना है। राजनीतिक दलों द्वारा मतदाता सूची की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठाए जाने के कारण यह कदम आवश्यक हो गया है। 1951 से 2004 तक आठ बार SIR हो चुका है, लेकिन अंतिम बार यह 2002-2004 में हुआ था, यानी 21 वर्ष से भी अधिक समय पहले। मतदाता सूची में बार-बार प्रवास, एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण, मृत मतदाताओं को न हटाना, और विदेशियों का गलत तरीके से शामिल होना जैसे कई परिवर्तन हुए हैं।

मतदाता सत्यापन प्रक्रिया (आज रात 12 बजे से):

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के अनुसार, जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) होगा, उनकी मतदाता सूचियां आज रात 12 बजे फ्रीज कर दी जाएंगी। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मौजूदा मतदाताओं को विशिष्ट गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, जिसमें वर्तमान मतदाता सूची के सभी आवश्यक विवरण होंगे।

जिन मतदाताओं का नाम गणना प्रपत्रों में है, वे यह जांचेंगे कि क्या उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में था। यदि नाम 2003 की सूची में था, या उनके माता-पिता का नाम सूची में था, तो उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

मतदाता 2002-2004 की SIR की मतदाता सूची को http://voters.eci.gov.in पर स्वयं भी देख और मिलान कर सकते हैं।

मतदाताओं के लिए पात्रता:

भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, मतदाता होने के लिए अनिवार्य पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं:

  • भारत का नागरिक होना।
  • कम से कम 18 वर्ष की आयु पूरी करना।
  • निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना।
  • किसी भी कानून के तहत अयोग्य नहीं होना।

चुनाव आयोग का यह कदम मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने और आगामी चुनावों को और अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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