यूनिक समय, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन धरना स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराने का मामला अब बेहद गरमा गया है। इस कार्रवाई पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताते हुए सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी का 'एक्स' पर करारा हमला कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए लिखा "मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से तब हटाना पूरी तरह गलत है, जब वह एक अहिंसक भूख हड़ताल पर थे। पेपर लीक, शिक्षा की लगातार बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य के लिए बेहद गंभीर मुद्दे हैं। दुनिया की कोई भी ताकत भारत के छात्रों को और हममें से उन लोगों को जो उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।" सफेद चादर में लपेटकर ले गई पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के पहले दिन वांगचुक के नेतृत्व में संसद मार्च की योजना थी, जिससे ठीक 48 घंटे पहले पुलिस ने यह गुप्त ऑपरेशन चलाया। सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने अचानक मंच पर चढ़कर वांगचुक को एक सफेद चादर से ढका और महज कुछ ही मिनटों में उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। इधर, सफदरजंग अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लंबे समय तक उपवास और शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) के कारण वांगचुक काफी कमजोर हो गए हैं, इसलिए उन्हें निरंतर मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। दूसरी तरफ, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने इस पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सहमति के बिना वांगचुक को कोई इलाज न दिया जाए। साथ ही उन्होंने पुलिस के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का कोई आदेश दिया था। विपक्ष पूरी तरह हुआ लामबंद वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस की नेता सागरिका घोष और एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार सहित कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार की इस तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने भी वांगचुक के स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया है। सोनम वांगचुक को अस्पताल में रखने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। किसी भी विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए अस्पताल परिसर और जंतर-मंतर के आसपास भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात कर दिया गया है। मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रहे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Vikram 1: स्काईरूट एयरोस्पेस ने लॉन्च किया देश का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’; पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक शुरुआत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]