यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में भारत की 16वीं जनगणना को लेकर बिगुल फुक चुका है। निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी दी कि यूपी में जनगणना 2027 की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी, क्योंकि यह न केवल पूरी तरह डिजिटल होगी, बल्कि आजादी के बाद पहली बार इसमें जातिगत जनगणना (Caste Census) को भी शामिल किया जाएगा। दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना प्रक्रिया उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में जनगणना के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है, जिसे मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित किया गया है। इसके पहले चरण में मकान सूचीकरण और गणना का कार्य संपन्न किया जाएगा, जिसकी समय सीमा 22 मई से 20 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया के तहत स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी दी गई है, जिसमें लोग 7 मई से 21 मई तक आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर जाकर स्वेच्छा से अपनी जानकारी स्वयं भर सकते हैं। जनगणना प्रक्रिया का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा. इस चरण के दौरान व्यक्तिगत डेटा कलेक्शन का कार्य किया जाएगा, जिसमें नागरिकों से उनकी जाति और धर्म से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इस प्रक्रिया का विशेष महत्व यह है कि आजादी के बाद यह पहली बार होगा जब आधिकारिक तौर पर जातिगत जनगणना कराई जाएगी। हालांकि, जातिगत जनगणना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का निर्धारण होना अभी बाकी है। 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी उत्तर प्रदेश सरकार ने तय समय सीमा के भीतर डिजिटल जनगणना की विशाल प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की एक बड़ी फौज तैनात की है। इस अभियान के प्रमुख नेतृत्व में 18 कमिश्नर, 75 जिलाधिकारी, 17 नगर आयुक्त और 1195 चार्ज अधिकारी व तहसीलदार अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल जनगणना के लिए तैयार करने हेतु 285 मास्टर ट्रेनर और 6939 फील्ड ट्रेनर्स की टीम प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है। यह अभियान प्रदेश के सभी 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों और लगभग 1.04 लाख गांवों में एक साथ संचालित किया जाएगा। महत्वपूर्ण तारीखें और नियम उत्तर प्रदेश में जनगणना के सुचारू संचालन के लिए 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रशासनिक सीमाओं को फ्रीज कर दिया गया है, जिसके तहत इस अवधि में कोई भी नई तहसील, ब्लॉक या गांव नहीं बनाया जाएगा। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1855 जारी किया है और 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे तक देश की जनसंख्या के आंकड़े जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य व्यापक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के प्रयोग से इस पहली डिजिटल जनगणना को पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न कराना है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: वृंदावन में बनकर तैयार हुआ दुनिया का सबसे विशाल ‘चंद्रोदय मंदिर’, पीएम मोदी कर सकते हैं लोकार्पण [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]