कानपुर। अगले साल उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-इत्तेहादुल मुसलिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। रविवार को कानपुर में एक रैली के दौरान औवेसी ने मुसलमानों को लेकर एक विचित्र बयान दिया। औवेसी ने कानपुर के जाजमऊ के अकील कंपाउंड में एक जनसभा में मुसलमानों की तुलना बैंड पार्टी से की। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को पहले बैंड पकड़ा दिया जाता है। लेकिन जब दूल्हे मुकाम पर पहुंचता है, तो मुसलमानों को रोक दिया जाता है। औवेसी ने कहा कि मुसलमान अब बैंड नहीं बजाएंगे, वे जम्हूरियत का बाजा बजाएंगे। औवेसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हर जाति का नेता है, लेकिन मुसलमानों का कोई नेता नहीं है। औवेसी ने जोड़ा कि यूपी में मुसलमानों की 19 प्रतिशत आबादी है। उनकी तमन्ना है कि मरने से पहले यूपी में 100 मुसलमान नेता हों। औवेसी ने सभा में कहा कि मुस्लिमों को यूपी के विधानसभा चुनाव में यह तय करना होगा कि वे सिर्फ वोट देना चाहता हैं या नेता बनेंगे। औवेसी ने कहा कि हमें सिर्फ बैंडबाजे वाले नहीं बनना है। जिस समाज में नेता होता है, उसकी इज्जत होती है। मुसलमानों का कोई नेता नहीं है। उन्हें एकजुट होकर वोट देना होगा। https://twitter.com/aimim_national/status/1442173322393915394?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1442173322393915394%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2Faimim_national%2Fstatus%2F1442173322393915394%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw औवेसी ने दिसंबर, 2020 में कानपुर में हुई हिंसा में मारे गए मोहम्मद रईस, मोहम्मद आफताब आलम और मोहम्मद सैफ को शहीद बताया। औवेसी ने कहा कि वे कानपुर में इसलिए रैली करने आए, क्योंकि इन लोगों को पुलिस ने सीने में गोली मार दी थी। वे शहीद हुए थे। औवेसी ने कुंभ मेले को चमड़ा उद्योग बंद कराने का जिम्मेदार बताया। औवेसी ने कहा कि पहले सिर्फ तीन दिन काम बंद कराया जाता था। औवेसी ने कोविड काल का भी जिक्र किया। औवेसी ने कहा कि यहां कोरोना की दूसरी लहर में यहां ऑक्सीजन नहीं मिली। अब बीजेपी की ऑक्सीजन बंद करनी है। AIMIM चीफ ने अपने पिछले यूपी दौरे के समय कहा था कि यूपी में 110 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्य अल्पसंख्यक समुदाय(मुस्लिम) की आबादी 30-39% है, जबकि 44 सीटों पर यह 40-49% और 11 सीटों पर 50-65% तक है। यानी ओवैसी का फोकस इन्हीं सीटों पर अधिक है। बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में होने हैं। 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में अभी भाजपा के 309, समाजवादी पार्टी के 49, बसपा के 18 जबकि कांग्रेस के 7 विधायक हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि यूपी में पिछले तीन साल में किसी मुस्लिम को घर नहीं मिला। वहीं, अब तक 1000 से अधिक साम्प्रदायिक दंगे हो चुके हैं। यूपी में भाजपा के 37 विधायकों पर आपराधिक केस दर्ज हैं।