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CWG 2026: लवप्रीत सिंह ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, सीमा ने डिस्कस थ्रो में दिलाया ब्रॉन्ज; भारत के हुए कुल 17 मेडल

by Tarun Bhardwaj • July 31, 2026
Lovepreet Singh wins silver in weightlifting

CWG 2026: लवप्रीत सिंह ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, सीमा ने डिस्कस थ्रो में दिलाया ब्रॉन्ज; भारत के हुए कुल 17 मेडल

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यूनिक समय, नई दिल्ली। मनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन भारतीय एथलीटों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए देश का मान बढ़ाया। पुरुष वेटलिफ्टिंग में लवप्रीत सिंह ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया, वहीं महिलाओं के डिस्कस थ्रो इवेंट में सीमा ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इन दो पदकों के साथ भारत के मेडलों की कुल संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जिनमें 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारत तालिका में 10वें स्थान पर बना हुआ है।

लवप्रीत ने बनाया नया रिकॉर्ड

वेटलिफ्टिंग के 110 kg वेट कैटेगरी में लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किलोग्राम (स्नैच में 176 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 212 किग्रा) वजन उठाकर देश को सिल्वर मेडल दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने स्नैच राउंड में कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया। वे स्वर्ण पदक के बेहद करीब थे, लेकिन न्यूजीलैंड के लिटी डेविड एंड्रयूज से महज 1 किग्रा के अंतर से पिछड़ गए, जिन्होंने कुल 389 किग्रा (166+223 किग्रा) वजन उठाकर गोल्ड जीता। वहीं इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ ने 356 किग्रा वजन के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

लवप्रीत का कॉमनवेल्थ मेडल तक का सफर

6 सितंबर 1997 को पंजाब के अमृतसर स्थित बल सचंदर गांव में जन्मे लवप्रीत का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे खेतों में काम करते थे और अपने दादाजी के साथ सब्जियां भी बेचते थे, जबकि दर्जी का काम करने वाले उनके पिता ने उन्हें खेल में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित किया। 13 साल की उम्र में गांव के युवाओं को देखकर वेटलिफ्टिंग की शुरुआत करने वाले लवप्रीत को 2017 में पटियाला स्थित SAI के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में चुना गया, जहां से उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को एक नई उड़ान मिली।

मां बनने और चोट के बाद सीमा की धमाकेदार वापसी

27 वर्षीया सीमा ने तमाम विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा के अपने तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर दूर थ्रो फेंककर पोडियम पर जगह बनाई और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस स्पर्धा का गोल्ड जमैका की सामंथा हॉल (61.66 मीटर) और सिल्वर कनाडा की जूलिया टंक्स (60.67 मीटर) ने जीता, जबकि भारत की निधि रानी 53.19 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं। भिवानी की चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी से Ph.D. कर रही सीमा को घुटने की गंभीर चोट के कारण तीन साल खेल से दूर रहना पड़ा था, लेकिन उन्होंने मां बनने के बाद मैदान पर धमाकेदार वापसी की। 2025 साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के बाद 2026 में उन्होंने 59.73 मीटर का अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो दर्ज कर एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया था।

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