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परीक्षा पे चर्चा: “अभिमन्यु की तरह आधा ज्ञान और हनुमान की तरह अपनी शक्ति को न भूलें”; पीएम मोदी ने दिए सफलता के 5 महामंत्र

by Tarun Bhardwaj • February 6, 2026
PM Modi gave 5 key mantras for success during 'Pariksha Pe Charcha'

परीक्षा पे चर्चा: “अभिमन्यु की तरह आधा ज्ञान और हनुमान की तरह अपनी शक्ति को न भूलें”; पीएम मोदी ने दिए सफलता के 5 महामंत्र

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यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) 2026 के 9वें संस्करण के माध्यम से देशभर के करोड़ों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ एक बेहद प्रेरक और जीवंत संवाद किया। 7, लोक कल्याण मार्ग से हुए इस इंटरैक्टिव सेशन में पीएम मोदी ने परीक्षाओं को बोझ के बजाय एक ‘उत्सव’ की तरह मनाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने पौराणिक पात्रों हनुमान और अभिमन्यु का उदाहरण देते हुए छात्रों को आत्मविश्वास और सही रणनीति का महत्व समझाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे हनुमान जी को उनकी असीम शक्ति का बोध कराया गया था, वैसे ही हर छात्र के भीतर अपार क्षमता होती है जिसे पहचानने की जरूरत है, वहीं अभिमन्यु के माध्यम से उन्होंने आगाह किया कि अधूरी जानकारी और जल्दबाजी परीक्षा के मैदान में नुकसानदेह साबित हो सकती है।

गुजरात और कोयंबटूर जैसे विभिन्न शहरों के छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने पढ़ाई के व्यक्तिगत पैटर्न पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर छात्र का सीखने का तरीका अलग होता है और उसे दूसरों की अंधी नकल करने से बचना चाहिए। पीएम ने चुटीले अंदाज में अपना उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्हें आज भी लोग सलाह देते रहते हैं कि क्या और कैसे करना चाहिए, लेकिन सफलता तभी मिलती है जब आप अपनी मौलिकता बनाए रखें। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को एक किसान की तरह बताया, जो जैसे अपने खेत की मिट्टी का पोषण करता है, वैसे ही शिक्षकों को छात्रों की मानसिक क्षमता को समझते हुए उनके दिमाग को समृद्ध करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने न केवल गंभीर चर्चा की, बल्कि स्थानीय भाषाओं में अभिवादन और असमिया गमछा भेंट कर छात्रों के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव भी बनाया। उन्होंने डिजिटल युग के छात्रों को ‘डिजिटल फास्टिंग’ की सलाह दी और तकनीक के सही उपयोग पर जोर दिया। पीएम मोदी ने अपने ‘टॉप 5 एग्जाम मंत्र’ साझा करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा हमेशा खुद से होनी चाहिए न कि दूसरों से। उन्होंने छात्रों को ‘रट्टू तोता’ बनने के बजाय ‘एग्जाम वॉरियर’ बनने के लिए प्रोत्साहित किया। साल 2018 से शुरू हुई यह पहल आज एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन चुकी है, जो बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के मानसिक तनाव को कम कर उनमें सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम कर रही है।

पीएम मोदी के टॉप 5 ‘एग्जाम मंत्र’

  • परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं: तनाव को किनारे कर खुशी से एग्जाम दें।
  • खुद से प्रतिस्पर्धा: अपनी तुलना दूसरों से करने के बजाय खुद को कल से बेहतर बनाएं।
  • डिजिटल फास्टिंग: तकनीक का उपयोग करें, लेकिन उसके गुलाम न बनें।
  • कठिन कार्य पहले: मुश्किल विषयों या कार्यों को ऊर्जा रहते पहले निपटाएं।
  • एग्जाम वॉरियर बनें: रटने के बजाय विषय की गहरी समझ विकसित करें।

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