यूनिक समय, नई दिल्ली। गृह मंत्रालय द्वारा 7 मई को आयोजित की जाने वाली मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी, जैसे एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस डीजी, डीजी फायर, एयर डिफेंस के अधिकारी और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल की योजना और समन्वय सुनिश्चित करना था। बैठक में विशेष रूप से सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों पर ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तैयारी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। मॉक ड्रिल में रॉकेट, मिसाइल और हवाई हमलों जैसे आपातकालीन परिदृश्यों के लिए तैयारियां की जाएंगी, जिनमें एयर रेड वार्निंग सायरन का संचालन और ब्लैकआउट की व्यवस्था शामिल है। इस दौरान नागरिकों और छात्रों को हवाई हमलों से बचाव की जरूरी सुरक्षा तकनीकों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। साथ ही, आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत शहरों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुश्मन के हमलों से बचाने के लिए विशेष उपाय लागू किए जाएंगे। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर यह कदम उठाया है। इस ड्रिल का उद्देश्य देश की सुरक्षा क्षमताओं को परखना और उन्हें और भी सशक्त बनाना है।