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यूक्रेन में फंसे छात्रों की जान आफत में, प्लीज मेरे बेटे की हेल्प करें, कोविड में पति को खो चुकी हूं

by Raju Chaurasia • February 25, 2022
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नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध में कई भारतीय छात्रों की जान आफत में फंस गई है। ये वो स्टूडेंट्स हैं, जो पढ़ाई करने यूक्रेन गए थे। युद्ध के चलते वहां हालात बेहद खराब हैं। भारत सरकार उन्हें वहां से सुरक्षित लाने सक्रिय है। इस बीच स्टूडेंट्स और उनके परिजन सोशल मीडिया के जरिये लगातार उनकी जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। बता दें कि गुरुवार को भारतीय समयानुसार सुबह 8.30 बजे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया था। इसके बाद रूस की सेना ने यूक्रेन पर हवाई हमले शुरू कर दिए। रूसी सेना के हमले में यूक्रेन की राजधानी कीव के अलावा खार्किव, मारियुपोल और ओडेसा में बर्बादी के मंजर नजर आने लगे हैं।

यूक्रेन में फंसे एक छात्र की मां ने tweet करके अपने बेटे की जान की बचाने की गुहार लगाई है। सीमा अग्रवाल ने अपने twitter हैंडल(@SeemaAg85302485) पर भावुक होकर लिखा-मेरे 17 साल के बेटे आदित्य अग्रवाल के अलावा कई स्टूडेंट्स फंसे हुए हैं। मेरा बेटा खार्किव(यूक्रेन) में MBBS फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। उसका संपर्क-+38094380251 और पासपोर्ट नंबर V3679932 है। मैं पहले ही अपने पति को कोविड-19(Covid 19) में खो चुकी हूं। कृपया उनकी मदद करें। वहां -5° तापमान होता है।

सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम
इस बीच भारत सरकार(Indian Government) ने यूक्रेन में मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सूचना और सहायता प्रदान करने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है। इनके नंबर हैं-
1800118797 (टोल फ्री)
+91-11-23012113
+91-11-23014104
+91-11-23017905

अगले कुछ महीने कठिन होंगे
व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर कहा कि अगले कुछ दिन, सप्ताह और महीने यूक्रेन के लोगों के लिए कठिन होंगे। पुतिन ने उन पर बड़ा दर्द उतारा है। लेकिन यूक्रेन की जनता को आजादी के 30 साल हो गए हैं और उन्होंने दिखा दिया है कि वे किसी को भी बर्दाश्त नहीं करेंगे जो उनके देश को पीछे ले जाने की कोशिश करेगा।

मोदी ने की पुतिन से बातचीत
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की देर रात में बात की है। पीएमओ ने बताया कि पीएम मोदी ने यूक्रेन के संबंध में रूस के राष्ट्रपति से बातचीत करते हुए भारत के लोगों व छात्रों के वहां फंसे होने की वजह से उनकी सुरक्षा की चिंताओं के बारे में भी अवगत कराया। विदेश सचिव ने कहा कि यूक्रेन से विमानों का परिचालन बंद हो गया है। ऐसे में भारत सरकार जमीन के रास्ते भारतीय नागरिकों और छात्रों को निकालने की कोशिश कर रही है। भारतीय नागरिकों को निकालने में सहायता के लिए विदेश मंत्रालय की टीमों को हंगरी, पोलैंड, स्लोवाक गणराज्य और रोमानिया में यूक्रेन के साथ जमीनी सीमाओं पर भेजा जा रहा है।

 

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