यूनिक समय, नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सोमवार को राजधानी दिल्ली में हुए अभूतपूर्व बवाल के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। सड़कों पर पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों की बौछार के समानांतर, सत्ता के गलियारों में आंदोलनकारियों और सरकार के बीच संवाद का रास्ता खुला। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच करीब पांच घंटे तक बातचीत चली, जिसमें आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने तीन बेहद सख्त मांगें रखी हैं। इस मुलाकात पर जेपी नड्डा की ओर से पहला आधिकारिक बयान भी सामने आ गया है। CJP ने सरकार के सामने रखीं ये 3 मुख्य मांगें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के डेलिगेशन ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा: पहली मांग: नीट पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए या उनका इस्तीफा लिया जाए। दूसरी मांग: पेपर लीक और परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के तनाव के कारण आत्महत्या (Suicide) करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को सरकार उचित वित्तीय मुआवजा दे। तीसरी मांग: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तुरंत वापस जंतर-मंतर लाया जाए और उनका अनशन तुड़वाया जाए। सौरभ दास का बड़ा बयान केंद्रीय मंत्री से लंबी वार्ता के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए बैठक की पूरी जानकारी दी। सौरभ दास ने लिखा "आशुतोष रांका और मैं दोपहर 12 बजे से केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर मौजूद हैं। हमने देश के छात्रों और युवाओं की आवाज उठाते हुए अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रख दी हैं, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा शामिल है। मंत्री जी ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह इस गंभीर मामले पर सही और उच्च स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक कोई पक्का लिखित वादा नहीं किया गया है। हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक कि हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।" [embedpress]https://x.com/SauravDassss/status/2079155844982432196[/embedpress] जेपी नड्डा का पहला बयान इस पूरे विवाद और दिल्ली की सड़कों पर मचे हड़कंप के बीच मोदी सरकार की तरफ से पहला बड़ा बयान सामने आया है। प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सीजेपी के डेलिगेशन के साथ बेहद सकारात्मक और अच्छी बातचीत हुई है। नड्डा ने स्वीकार किया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने अपनी मांगों का एक औपचारिक प्रस्ताव रखा है, जिस पर करीब 5 घंटे से लगातार चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री ने आंदोलनकारी छात्रों और नेताओं से देश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने और तत्काल प्रभाव से अपना धरना-प्रदर्शन खत्म करने की भावुक अपील भी की है। [embedpress]https://x.com/JPNadda/status/2079161225121091904[/embedpress] जंतर-मंतर को पुलिस ने कराया खाली एक तरफ जहां मंत्री के आवास पर बातचीत का दौर चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से सख्त कदम उठाए हैं। सुबह से जारी भारी पथराव, तोड़फोड़ और आंसू गैस के गोलों की बौछार के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन वाली मुख्य जगह को पूरी तरह से खाली करा दिया है। वहां लगे तंबू-तंबू उखाड़ दिए गए हैं और भारी संख्या में डटे आंदोलनकारियों को खदेड़कर इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। फिलहाल पूरी नई दिल्ली में भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: UP News: सीएम योगी का बड़ा ऐलान; बाराबंकी में बनेगा काशी की तर्ज पर ‘लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर’ ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]