Fri, Jun 5th, 2026
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कमल हासन ने नए ​फिल्म कानून के विरोध में कहा—तीन बंदर बने नहीं रह सकते

by यूनिक समय • June 29, 2021
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चेन्नई। केंद्र सरकार के प्रस्तावित सिनेमेटोग्राफ एक्ट 2021 के खिलाफ अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट के जरिए लोगों से अपनी आजादी को लेकर चिंता जाहिर करने की अपील की है। सिनेमेटोग्राफ एक्ट 1952 में प्रस्तावित संशोधन केंद्र को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की तरफ से मंजूरी दिए जाने के बाद भी ‘दोबारा जांच’ करने की ताकत देंगे। हासन के अलावा भी फिल्म जगत से जुड़े कई लोग इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं।

मक्कल निधि मय्यम के संस्थापक कमल हासन ने ट्वीट के जरिए सिनेमेटोग्राफ एक्ट 2021 के खिलाफ विरोध जताया है। उन्होंने लिखा, ‘सिनेमा, मीडिया और साहित्य से जुड़े लोग भारत के तीन आइकॉनिक बंदर होने का जोखिम नहीं उठा सकते। आसन्न बुराई के बारे में देखना, सुनना और बोलना ही लोकतंत्र को चोट पहुंचाने और कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ एकमात्र दवा है।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘कृपया कुछ करें, आजादी को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करें.’ सरकार ने नए प्रावधान को शामिल करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें सरकार को फैसला बदलने की ताकत दी गई थी। बीते हफ्ते केंद्र ने मसौदा विधेयक जारी किया था और लोगों से प्रतिक्रिया मांगी थी। इसके लिए 2 जुलाई तक का समय दिया गया था।एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नाखुश फिल्म-निर्माताओं ने अपना जवाब तैयार कर लिया है।

मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों ने की आलोचना

स्क्रोल के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं, शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने सिनेमेटोग्राफ एक्ट में संशोधन का विरोध किया है। इसके तहत सरकार पहले से मंजूरी प्राप्त फिल्म को दोबारा जांच किए जाने के आदेश जारी कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, आलोचकों का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों से सिनेमा को रद्द या निरस्त करने की ताकत मिल जाएगी और यह भारत की अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ है।

कही थी राजनीति के लिए सिनेमा छोड़ने की बात

भाषा के अनुसार, मक्कल निधि मय्यम के प्रमुख हासन ने अप्रैल में राजनीति के लिए सिनेमा को छोड़ने की बात कही थी. उन्होंने कहा था, ‘यदि वे मेरे राजनीतिक करियर में बाधा बनती हैं तो मैं अपनी मौजूदा फिल्मों को पूरा करने के बाद सिनेमा छोड़ दूंगा.’ उन्होंने कहा कि राजनीति में उनका आना ऐतिहासिक है क्योंकि वह उन 30 फीसद लोगों में से हैं जो राजनीति से बिल्कुल दूर रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन ने बतौर विधायक अपने आदर्शों का प्रचार करने एवं जनसेवा के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई फिल्मों में अभिनय किया था.

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