यूनिक समय, मथुरा। जनपद के अंतर्गत आने वाले सुप्रसिद्ध श्री धाम कोकिलावन में शनि जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस वर्ष शनिवार के दिन अमावस्या पड़ने और साथ ही अधिक मास का विशेष महासंयोग होने के कारण लाखों की संख्या में श्रद्धालु न्याय के देवता श्री शनिदेव महाराज के दर्शन और तीन किलोमीटर की पावन परिक्रमा के लिए पहुंचे। हालांकि, इस भारी भीड़ के सामने स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नाकाफी साबित हुए, जिसके चलते क्षेत्र में भारी अव्यवस्था और घंटों लंबा जाम देखने को मिला। देशभर से पहुंचे भक्त कोसीकलां क्षेत्र के समीप भगवान श्री कृष्ण की पावन क्रीड़ा स्थली के पास स्थित कोकिलावन धाम की महिमा देश भर में प्रसिद्ध है। शनि जन्मोत्सव के इस पावन मौके पर उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और मध्य प्रदेश सहित देश के सुदूर क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालु शुक्रवार रात से ही कोकिलावन पहुंचने शुरू हो गए थे। शनिवार को सुबह से ही चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। हजारों श्रद्धालुओं ने तपती सड़कों पर नंगे पैर घूमकर परिक्रमा पूरी की और शनिदेव महाराज के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। इस दौरान कोसी-कोकिलावन मार्ग पर जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय निवासियों द्वारा शीतल जल, शरबत, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारों का भी आयोजन किया गया। कतारों में फंसे रहे श्रद्धालु लाखों की तादाद में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण कोकिलावन धाम और कोसीकलां कस्बे की पूरी यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। मंदिर प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा का हवाला देते हुए एक विवादित फैसला लिया गया, जिसके तहत मंदिर के कई प्रवेश द्वारों को बंद करके केवल एक ही मुख्य द्वार से श्रद्धालुओं को भीतर जाने की अनुमति दी गई। इस अव्यवहारिक फैसले के कारण मंदिर परिसर के बाहर कई किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं। संकरी गलियों में घंटों तक धूप में खड़े रहने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई जगहों पर धक्का-मुक्की के कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। लाखों की भीड़ के बीच जिम्मेदार मौन क्षेत्र में मची इस भारी अफरा-तफरी, अव्यवस्था और मुख्य मार्गों पर लगे भीषण जाम के बीच स्थानीय पुलिस प्रशासन और कोकिलावन मंदिर प्रबंधन पूरी तरह मूकदर्शक बना नजर आया। इतनी बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं के आने का पूर्वानुमान होने के बावजूद पार्किंग और रूट डायवर्जन के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। दर्शनार्थियों को हो रही भारी दिक्कतों और सुरक्षा में चूक को लेकर जब जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली और मीडिया कैमरों से दूरी बनाए रखी। प्रशासन की ओर से अव्यवस्थाओं को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, कोकिलावन आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे भारी भीड़ को देखते हुए सतर्क रहें, अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और स्थानीय यातायात नियमों का पालन करते हुए ही आगे बढ़ें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Vicky Kaushal के 38वें जन्मदिन पर पिता Shyam Kaushal ने लिखा भावुक पोस्ट; बोले— ‘खुशनसीब हूँ जो तुम्हारे जैसा बेटा मिला’ [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]