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Mathura News: मगोर्रा में रजबहे में गिरी कार; एआरटीओ के निरीक्षण में खुली बदहाल सिस्टम की पोल

by Tarun Bhardwaj • February 19, 2026
Car falls into drain in Magorra

Mathura News: मगोर्रा में रजबहे में गिरी कार; एआरटीओ के निरीक्षण में खुली बदहाल सिस्टम की पोल

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यूनिक समय, मथुरा। मगोर्रा थाना क्षेत्र के नगला देविया में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे ब्रज क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक कार के रजबहे (नहर) में गिरने से चार युवकों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी है। बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जब घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो सड़क सुरक्षा और इंजीनियरिंग से जुड़ी ऐसी भयावह खामियां सामने आईं, जो भविष्य में भी बड़े हादसों को दावत दे रही हैं।

एआरटीओ का बड़ा खुलासा

मगोर्रा हादसे के उपरांत एआरटीओ प्रवर्तन सतेंद्र सिंह द्वारा टीम के साथ किए गए बारीकी मुआयने में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि सड़क की असुरक्षित इंजीनियरिंग ही इस दुखद घटना का मूल कारण रही है।

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि जिस स्थान पर तीव्र मोड़ मौजूद है, वहां बाईपास की डिजाइन तकनीकी रूप से पूरी तरह गलत की गई है, जिससे वहां खतरनाक घुमाव पैदा हो गया है और वाहन चालकों के लिए नियंत्रण खोने का जोखिम बना रहता है। इसके साथ ही, घटनास्थल के आसपास प्रकाश की कोई समुचित व्यवस्था न होने और स्ट्रीट लाइट के अभाव के कारण रात के समय यह पूरा क्षेत्र एक ‘डेथ जोन’ में तब्दील हो जाता है।

इसके अतिरिक्त, एआरटीओ ने यह भी रेखांकित किया कि आने-जाने वाले दोनों ही मार्ग अत्यंत जर्जर और असुरक्षित स्थिति में हैं, जो राहगीरों के लिए हर पल खतरा बने रहते हैं।

सांकेतिक बोर्ड बन रहे हैं ‘भ्रम का जाल’

स्थानीय निवासी और प्रत्यक्षदर्शी कृष्णा कुंतल ने इस दुर्घटना के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) की गंभीर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि बाईपास पर लगे सांकेतिक बोर्ड वाहन चालकों के लिए मार्गदर्शक बनने के बजाय ‘भ्रम का जाल’ साबित हो रहे हैं। इन साइन बोर्ड्स पर गोवर्धन, मथुरा और सौंख के रास्तों के लिए दिए गए निर्देश इतने दोषपूर्ण हैं कि वाहन स्वामी अक्सर रास्ता भटककर गलत मार्ग पर चले जाते हैं और फिर अचानक दिशा बदलने या वाहन मोड़ने के प्रयास में गंभीर हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की कमी पर भी सवाल उठाए हैं क्योंकि तीव्र मोड़ और रजबहे के पास कोई रेलिंग या सुरक्षा घेरा मौजूद नहीं है, जिसके कारण अनियंत्रित होने वाले वाहन बिना किसी बाधा के सीधे गहरे पानी में समा जाते हैं।

लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग

ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि लोक निर्माण विभाग तुरंत इन सांकेतिक बोर्डों को सही करे और सड़क की डिजाइन में सुधार करे। साथ ही, रजबहे के पास सुरक्षा दीवार या बैरिकेडिंग लगाना अनिवार्य है ताकि फिर कभी किसी घर का चिराग इस अंधेरी सड़क पर न बुझे।

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