यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी में बिजली विभाग के 'स्मार्ट मीटर' योजना ने उपभोक्ताओं को ऐसा 'स्मार्ट' झटका दिया है कि लोग अब इसे शेयर बाजार से ज्यादा अनिश्चित मानने लगे हैं। आज की सुबह मथुरा के सैकड़ों उपभोक्ताओं के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही, जब उनके मोबाइल ऐप पर बिजली का बैलेंस रातों-रात हजारों रुपये की छलांग लगाकर माइनस (-) में पहुँच गया। सुबह बैलेंस में आया 'माइनस' का तूफान मथुरा में स्मार्ट मीटर के प्रीपेड सिस्टम ने उपभोक्ताओं को उस वक्त चौंका दिया जब सुबह होते ही उनके बैलेंस में 'माइनस' का तूफान आ गया। उपभोक्ताओं का गंभीर आरोप है कि रात तक सब कुछ सामान्य होने के बावजूद अचानक बैलेंस का गणित पूरी तरह बदल गया, जिसके कुछ उदाहरण बेहद हैरान करने वाले हैं। पीड़ित रामप्रकाश के खाते में जहां रात तक 3000 रुपये थे, वहीं सुबह उठने पर वहां -1800 रुपये का बैलेंस दिखाई दे रहा था, जबकि विजय शर्मा का 1800 रुपये का पॉजिटिव बैलेंस रातों-रात सीधे -800 रुपये में तब्दील हो गया। एक अन्य उपभोक्ता के खाते से भी 1500 रुपये रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए और उनका बैलेंस -900 रुपये तक पहुँच गया। लोगों का साफ कहना है कि बिजली की खपत में कोई बदलाव नहीं हुआ था, फिर भी मीटर के इस 'स्मार्ट' खेल ने उनकी जेब पर सीधे डिजिटल डाका डाल दिया है। मसानी बिजलीघर पर भारी हंगामा जैसे ही यह खबर फैली, गुस्साए उपभोक्ताओं का जमावड़ा मसानी बिजलीघर पर लग गया। हाथ में मोबाइल लिए उपभोक्ता ऐप का स्क्रीनशॉट दिखाकर अधिकारियों से जवाब मांग रहे थे। उपभोक्ताओं ने "स्मार्ट मीटर वापस लो, हमारा पैसा वापस दो!" के नारे लगाते हुए विभाग के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। जब उपभोक्ताओं ने जवाब मांगा, तो बिजलीघर के कर्मचारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि— "अभी बाबू साहब नहीं हैं, उनके आने पर ही कुछ बताया जा सकेगा।" विभाग की सफाई हालांकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे प्रारंभिक तौर पर 'तकनीकी त्रुटि' (Technical Glitch) बताया है और जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन उपभोक्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। लोगों का सवाल सीधा है—यदि प्रीपेड सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक है, तो बिना किसी अतिरिक्त खपत के बैलेंस माइनस में कैसे जा सकता है? नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: BCCI Honey Trap Alert: फ्रेंचाइजियों के लिए 8 पन्नों की नई SOP जारी; होटल के कमरों में रिश्तेदारों की एंट्री बैन [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]