Sun, Jun 7th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

मुंबई: कोविड से उबरने के बाद गल रही हैं हड्डियां, डॉक्टरों की चिंता बढ़ी

by यूनिक समय • July 5, 2021
Advertisement
Ad

मुंबई। कोरोना वायरस के चलते लोगों में संक्रमण से उबरने के बाद कई और समस्याएं पाई जा रही हैं। हाल ही में म्यूकोरमाइकोसिस के कई मामले सामने आए। वहीं अब एवैस्कुलर नेक्रोसिस यानी बोन डेथ के कुछ मामले पाए गए हैं। एवैस्कुलर नेक्रोसिस में हड्डियां गलने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि बोन टिशू तक ब्लड ठीक तरीके से नहीं पहुंच पाता। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एवैस्कुलर नेक्रोसिस के कम से कम तीन मामले पाए गए हैं। डॉक्टरों की आशंका है कि अगले कुछ समय में यह मामले और बढ़ सकते हैं। ब्लैक फंगस और एवैस्कुलर नेक्रोसिस के मामलों की प्रमुख वजह स्टेरॉयड्स को बताया जा रहा है। बता दें कोविड पेशेंट्स को ठीक करने के लिए कई मामलों में स्टेरॉयड्स का इस्तेमाल किया जाता है।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में 40 साल की उम्र से कम के तीन मरीजों का इलाज किया गया। यह मामले उनके कोविड से उबरने के बाद सामने आए। माहिम स्थित हिंदुजा अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ संजय अग्रवाल ने कहा, ‘इनको फीमर बोन (जांघ की हड्डी का सबसे ऊंचा हिस्सा) में दर्द हुआ। तीनों मरीज डॉक्टर थे इसलिए उन्हें लक्षण पहचानने में आसानी हुई ऐसे में वह तुरंत इलाज के लिए आए।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के कारण आए यह मामले?
इसी बीमारी अग्रवाल का रिसर्च पेपर ‘एवैस्कुलर नेक्रोसिस ए पार्ट ऑफ लॉन्ग कोविड-19’ मेडिकल जर्नल ‘बीएमजे केस स्टडीज’ में प्रकाशित हुआ। इसमें उन्होंने कहा कि कोविड -19 मामलों में ‘जीवन रक्षक कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल’ के चलते ‘AVN मामलों में बढ़ोत्तरी होगी.’ रिपोर्ट के अनुसार कुछ अन्य आर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट्स ने बताया कि उन्होंने भी कोविड के बाद के रोगियों में ऐसे एक या दो मामले देखे हैं।

सिविल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने कहा, ‘जो मरीज लंबे समय से कोविड-19 पीड़ित हैं और उन्हें स्टेरॉयड की जरूरत है, यह चिंता का विषय है। राज्य सरकार की टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर राहुल पंडित ने कहा कि वह एवैस्कुलर नेक्रोसिस के मामलों पर उनकी नजर है। उन्होंने कहा कि ‘एक या दो महीने के भीतर मैं ऐसे मामले आ सकते हैं क्योंकि AVN आमतौर पर स्टेरॉयड के उपयोग के पांच से छह महीने बाद होता है। कोविड की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल महीने में स्टेरॉयड का जमकर इस्तेमाल हुआ. ऐसे में जल्द ही और मामले पाए जा सकते हैं।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.