यूनिक समय, वृंदावन। देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र और प्रख्यात संत पूज्य पाद श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के दीक्षित शरणागत परिकर के लिए इस वर्ष का गुरु पूर्णिमा महोत्सव बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है। स्वास्थ्य की अनुकूलता और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इस बार महाराजश्री के दर्शन स्थल में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहली बार महाराजश्री अपने परिकर और भक्तों को वृंदावन के श्रीहित राधा केलिकुंज के बजाय बेलवन स्थित 'यमुना विहार कुंज' में दर्शन देंगे। इस बड़े फैसले के बाद बेलवन का यमुना विहार कुंज देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का नया केंद्र बनने जा रहा है। दर्शन और पूजन का पूरा कार्यक्रम श्रीहित राधा केलिकुंज परिकर द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सात दिवसीय विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है, जिसके जारी शेड्यूल के अनुसार उत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः 04:30 AM से 05:30 AM बजे तक महाराजश्री नए दर्शन स्थल यमुना विहार कुंज, बेलवन में भक्तों को दर्शन और अपने दिव्य आशीर्वाद से निहाल करेंगे। इसके बाद सुबह 07:00 AM से 10:00 AM बजे तक श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम में विधि-विधान के साथ गुरु चरण पादुका पूजन का भव्य आयोजन किया जाएगा, और दोपहर बाद के सत्र में 03:30 PM से 06:30 PM बजे तक श्रीवृंदावन महिमामृत एवं निकुंज लीला पर आधारित रसियन सत्संग, भव्य संध्या आरती तथा सामूहिक नाम संकीर्तन की अमृत वर्षा होगी। भीड़ प्रबंधन के लिए तिथियां निर्धारित गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान वृंदावन में जुटने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए और दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए परिकर ने देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के दीक्षित शिष्यों के लिए अलग-अलग तिथियां तय की हैं, जिसके तहत श्रद्धालु अपने निर्धारित दिन ही दर्शन लाभ ले सकेंगे। इस व्यवस्था के अनुसार, पहले दिन 23 जुलाई को एनआरआई (NRI - अप्रवासी भारतीय), हरियाणा और कर्नाटक के दीक्षित शिष्य दर्शन करेंगे, जबकि दूसरे दिन 24 जुलाई को दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केरल के श्रद्धालुओं को अवसर मिलेगा तथा तीसरे दिन 25 जुलाई को पंजाब, मध्य प्रदेश और झारखंड के शिष्यों के लिए दर्शन की व्यवस्था रहेगी। इसी क्रम में चौथे दिन 26 जुलाई को उत्तर प्रदेश के समस्त जिलों के साथ-साथ पूरे ब्रज क्षेत्र (मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन आदि) के स्थानीय श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे, पांचवें दिन 27 जुलाई को बिहार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम और तेलंगाना के दीक्षित शिष्य यमुना विहार कुंज पहुंचेंगे, छठे दिन 28 जुलाई को समस्त वृंदावनवासी शिष्य परिकर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और गोवा के श्रद्धालुओं के लिए दिन निर्धारित किया गया है, और अंतिम दिन 29 जुलाई को केवल 'विरक्त परिकर' (संत-महंत और विरक्त वैष्णव) को श्रीहित राधा केलिकुंज में ही गुरुदेव के विशेष पूजन एवं दर्शन का परम लाभ प्राप्त होगा। सीसीटीवी से होगी निगरानी यमुना विहार कुंज में दर्शन की नई व्यवस्था लागू होने से देशभर के भक्तों में भारी उत्साह है। वहीं, जिला प्रशासन और मथुरा पुलिस भी गुरु पूर्णिमा मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने में जुट गई है। पूरे मेला क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और घाटों की निगरानी के लिए विशेष वॉच टावर बनाए जा रहे हैं और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: अवैध खनन की रंजिश में दैनिक अखबार के पत्रकार पर जानलेवा हमला; कार से 3 KM पीछा कर लाठी-डंडों से पीटा ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]