नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वाले 141 लोगों को साल 2020 के लिए पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। https://twitter.com/sbikh/status/1457969569218252803?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1457969569218252803%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2Fsbikh%2Fstatus%2F1457969569218252803%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw इनमें देश की प्रमुख रोजगार वेबसाइट नौकरी डॉट कॉम के फाउंडर और वाइस चेयरमैन संजीव बिखचंदानी को पद्मश्री सम्मान दिया गया। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुरस्कृत लोगों से मिले। मोदी बिखचंदानी से भी यूं मिले, जैसे वे पुराने मित्र हों। बता दें कि पीएम ने सम्मान पाने वालों से एक-एक कर मुलाकात की और उनसे फ्रेंडली तरीके से बातचीत की। किसी पूर्व परिचित की तरह बातचीत का पीएम मोदी का सहज अंदाज सबको भा रहा था। बिखचंदानी ने मोदी के साथ अपनी तस्वीर tweet करके लिखा कि समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरेक पुरस्कार विजेताओं से गहराई से बातचीत की। इसके लिए किसी सहयोगी या पहचान पत्र(कागजात) की जरूरत नहीं पड़ी। वे सबको जानते थे। वे स्टार्ट अप्सको लेकर आशांवित थे। मोदी ने Naukri Job Speak इंडेक्स में नौकरियों में आए उछाल पर खुशी जताई। बता दें कि Naukri Job Speak रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त के मुकाबले सितंबर में नियुक्ति गतिविधियों में 57 प्रतिशत की शानदार तेजी देखने को मिली है। सितंबर 2021 में आईटी, हॉस्पिटैलिटी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। एजुकेशन सेक्टर के साथ ही रियल स्टेट में भी स्थितियां में तेजी से सुधार हो रहा है। संजीव बिखचंदानी ने जब नौकरीडॉटकॉम वेबसाइट शुरू की, तब रोज 18 घंटे तक काम करते थे। दिल्ली में जन्मे संजीव के पिता सरकारी डॉक्टर थे और मां गृहिणी। इनके परिवार का बिजनेस से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। संजीव की पत्नी तब सुरभि नेस्ले में काम करती थीं। बिखचंदानी की कंपनी जीवनसाथी डॉट कॉम, 99एकड़ डॉट कॉम और शिक्षा डॉट कॉम भी संचालित करती है। साथ ही जोमेटो, पॉलिसी बाजार, शॉप किराना और उस्तरा जैसी स्टार्टअप कंपनियों में भी भी निवेश किया हुआ है। बिखचंदानी 1989 में आईआईएम अहमदाबाद से पासआउट हैं। इनकी कंपनी की शुरुआत एक गैरेज के ऊपर बने नौकरों के रहने के कमरे से हुई थी।। शुरुआती पूंजी 2,000 रुपए थी। आज यह कंपनी 4,000 लोगों को रोजगार देती है।