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बच्चों को कोरोना की थर्ड वेव से बचाने की तैयारी, दिल्ली सरकार का ये प्लान

by यूनिक समय • June 12, 2021
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नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना की थर्ड वेव में बच्चों को कोरोना की चपेट में आने से बचाने और आने के बाद उनके इलाज के बेहतर इंतजाम करने के लिये दिल्ली सरकार के अलग-अलग मंत्रालय अपने तरीके से रणनीति तैयार कर रहे हैं। दिल्ली सरकार का महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग भी बड़ी तैयारियों में जुटा हुआ है।

महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हमें हर तरह की तैयारियां करनी होगी, क्योंकि संभावित तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा असर होने की आशंका है।

बताते चलें कि मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने गत दिनों स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, अस्पतालों के निदेशक व समाज कल्याण विभाग के निदेशक के साथ कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए की जा रही तैयारियों को लेकर रिव्यू भी कर चुके हैं। उन्होंने दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए थे।

मीटिंग में स्वास्थ विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी एस एम अली के अलावा समाज कल्याण विभाग के निदेशक, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जीटीबी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय के निदेशक भी मौजूद रहे।

महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार के संस्थानों में रह रहे अनाथ, बेघर और दिव्यांग बच्चों का आंकड़ा तैयार करके एनजीओ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से उनको सुरक्षा के दायरे में लाना होगा। इस काम में महिला एवं बाल विकास विभाग को एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करके सभी बाल गृहों, एनजीओ और ऑब्जर्वेशन होम के बीच में समन्वय स्थापित करना होगा।

जिलेवार सर्वे करा कर बच्चों का असल आंकड़ा पता लगाने के निर्देश
मंत्री का कहना है कि ऐसे बच्चे जिनके दोनों या दोनों में से एक माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, उनका असल आंकड़ा जानने के लिए स्वास्थ विभाग की मदद ली जानी चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक का कहना है कि यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग से मांगा जा रहा है, ताकि जिलेवार सर्वे करा कर ऐसे अनाथ, बेघर और दिव्यांग बच्चों का असल आंकड़ा पता किया जा सके।

मंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों का भी पता लगाया जाना चाहिए, जिनके माता-पिता की मृत्यु रिकॉर्ड में नहीं आ पाई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग दिल्ली के सभी शवदाह गृह से आंकड़ा लेकर उसको शामिल करें।

अस्पतालों में तैयार किए जा रहे बच्चों के हिसाब से वेंटिलेटर, मास्क
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में बच्चों के हिसाब से वेंटिलेटर, मास्क आदि तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में बच्चों के साथ उनके माता-पिता और यहां एक अटेंडेंट के ठहरने की व्यवस्था के प्रावधान भी किए जा रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि बच्चों को तीसरी लहर से सुरक्षित रखने के लिए ऐसे माता-पिता का टीकाकरण अनिवार्य है, जिनके बच्चे अभी छोटे हैं या टीकाकरण की आयु से कम हैं।

चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में होगी प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत
चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के दौरान प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारी करनी चाहिए. साथ ही, तीसरी लहर की रोकथाम के लिए भी व्यापक प्रयास करने की आवश्यकता है.

चाइल्ड केयर में मोबाइल यूनिट के इस्तेमाल जरूरत
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन को चिकित्सा सुविधा देने के लिए मोबाइल यूनिट का इस्तेमाल किया जा सकता है और सभी बाल गृहों में बच्चों की देखरेख कर रहे स्टाफ का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने की भी जरूरत है।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से कुछ विषय में जानकारी मांगते हुए कहा कि बच्चों की कोरोना टेस्टिंग की क्या प्रक्रिया होगी, टीकाकरण के लिए क्या मापदंड तय किए जाएंगे और स्वास्थ्य विभाग चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन में कोरोना का कैसे रोका जाए? इसके लिए मूलभूत ढांचे को तैयार करने में भी मदद मुहैया कराए।

हर चाइल्ड केयर होम में उपलब्ध रहेंगे एक्सपर्ट
विभाग ने कहा कि इस विषय के विशेषज्ञ हर चाइल्ड केयर होम में उपलब्ध रहने चाहिए, ताकि वह प्रत्येक संस्थान में कितने बेड, वेंटिलेटर,ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि की आवश्यकता है, इसका आकलन कर सकें।

कोरोना के मामलों को संभालने के लिए प्रशिक्षित होंगे WCD कर्मचारी
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि परिवार कल्याण विभाग के पास ऐसे मॉड्यूल उपलब्ध हैं जिसके जरिए महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाफ को तकनीकी रूप से कोरोना के सामान्य मामलों को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है।

बच्चों की देखरेख कर रहे स्टॉफ के वैक्सीनेशन के दिये निर्देश
WCD मंत्री का कहना है कि सभी ‘चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशन’ को कोरोना की थर्ड वेव के लिए तैयार करें और स्वास्थ्य विभाग प्राथमिकता के आधार पर बच्चों की देखरेख कर रहे सभी स्टाफ को वैक्सीन लगाने का प्रबंध करें।

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