यूनिक समय, नई दिल्ली। देश में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता व निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' को राष्ट्रपति की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही अब देश में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले भू-माफियाओं व दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। "पेपर लीक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का प्रयास" संशोधन विधेयक के पारित होने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह कानून परीक्षाओं में धांधली करने वाले पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए बताया कि यह सख्त कानूनी ढांचा परीक्षा प्रक्रिया में युवाओं और अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ाएगा तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा। नए कानून की बड़ी बातें नए कानून के तहत हर राज्य में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, जहाँ दैनिक आधार पर सुनवाई करते हुए 3 महीने (90 दिन) के भीतर ट्रायल पूरा कर फैसला सुनाया जाएगा। इसके अलावा, साल 2024 के पुराने कानून में 3 से 5 साल की सजा के प्रावधान को बढ़ाकर अब न्यूनतम 5 साल से लेकर अधिकतम 10 साल तक की जेल कर दिया गया है। दोषियों और संगठित गिरोहों पर नकेल कसने के लिए जुर्माने की राशि को भी 10 लाख रुपये से सीधे बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दिया गया है। वहीं मामलों की त्वरित जांच के लिए एक समर्पित स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया जाएगा, जिसके लिए 2 महीने के भीतर ही जांच पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर मेडल, रचा इतिहास; यशवीर सिंह को मिला कांस्य ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]