यूनिक समय, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके बागी राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच जारी जुबानी जंग अब और तेज हो गई है। पार्टी द्वारा केंद्र सरकार के सामने झुकने और संसद में मुद्दों से कतराने के आरोपों पर शनिवार को राघव चड्ढा ने एक वीडियो संदेश जारी कर करारा जवाब दिया। चड्ढा ने पार्टी के दावों को 'सुनियोजित हमला' करार देते हुए सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा के आरोपों की धज्जियां उड़ा दीं। राघव चड्ढा के तीन सीधे सवाल अपने वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने तीन प्रमुख चुनौतियां पेश कीं: राघव चड्ढा ने कहा, "पार्टी बताए कि मैंने कब विपक्षी सांसदों के वॉकआउट का साथ नहीं दिया? संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, पार्टी कोई भी एक फुटेज दिखाकर अपने आरोप सिद्ध करे। यह आरोप सरासर झूठ है।" मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लाए गए मोशन पर हस्ताक्षर न करने के आरोप पर उन्होंने पूछा, "पार्टी यह बताए कि मुझे आधिकारिक रूप से साइन करने के लिए कब कहा गया था? मेरे अलावा 6-7 अन्य सांसदों ने भी साइन नहीं किया था, तो सिर्फ मुझे ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?" उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी यह बताए कि उन्होंने कब जनता के मुद्दे नहीं उठाए? चड्ढा ने याद दिलाया कि उन्होंने संसद में पंजाब के पानी, दिल्ली के प्रदूषण और GST जैसे गंभीर विषयों पर प्रखरता से बात रखी है। सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा ने घेरा था बता दें कि शुक्रवार को आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया था कि राघव संसद में पार्टी की लाइन के अनुसार नहीं चल रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने 'X' पर चड्ढा की तीखी आलोचना करते हुए सवाल किया था कि क्या पीएम मोदी से "डरने" वाला व्यक्ति देश के लिए लड़ सकता है? ढांडा ने विशेष रूप से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने को लेकर चड्ढा को कटघरे में खड़ा किया था। "सफेद झूठ बोल रही है पार्टी" राघव चड्ढा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक जैसी भाषा और एक ही तरह के आरोपों वाला कैंपेन चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त वाले मामले में पार्टी ने उनसे न तो औपचारिक रूप से और न ही किसी अन्य माध्यम से संपर्क किया था। चड्ढा ने तंज कसते हुए कहा, "मैं पार्लियामेंट में सिर्फ लड़ने-झगड़ने नहीं आया हूँ, बल्कि जनता के सरोकारों की आवाज बनने आया हूँ।" नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Middle East War: ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता और शर्तों को सिरे से नकारा; शहबाज-मुनीर की उड़ी नींद [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]