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वक्फ बोर्ड जमीन घोटाले में सात जगहों पर छापेमारी, नवाब मलिक के अंडर में आता है बोर्ड

by Raju Chaurasia • November 11, 2021

वक्फ बोर्ड जमीन घोटाले में सात जगहों पर छापेमारी, नवाब मलिक के अंडर में आता है बोर्ड

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पुणे। ईडी ने पुणे वक्फ बोर्ड जमीन घोटाले मामले की जांच शुरू की है। सात जगहों पर छापेमारी की है। बोर्ड राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक के मंत्रालय के अधीन आता है। इस छापेमारी के बाद नवाब मलिक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बता दें कि आर्यन खान ड्रग केस मामले में NCP लीडर नवाब मलिक लगातार सनसनीखेज बयानबाजी कर रहे हैं। इस लड़ाई में नवाब की बेटी भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने फडणवीस को कानूनी नोटिस भेजा है।

ईडी ने पुणे में 7 जगहों पर यह छापा मारा है। वक्फ बोर्ड की जमीन अल्पसंख्यक मंत्रालय में आती है। नवाब मलिक महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री हैं। इस मामले में अगस्त में दो अधिकारियों को पुणे की बंदगार्डन पुलिस टीम ने अरेस्ट किया था। जांच से पता चला था कि इन दोनों ने ट्रस्ट का पदाधिकारी होते हुए 7.76 करोड़ों रुपए का गबन किया है। चूंकि मामला मनी लांड्रिंग से जुड़ रहा था, इसलिए जांच ED ने अपने हाथ में ली। औरंगाबाद में भी ईडी की छापेमारी की खबर है।

आर्यन खान ड्रग केस में अब लड़ाई नवाब मलिक V/s देवेंद्र फडणवीस पर फोकस हो गई है। इसमें अब नवाब की बेटी भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने फडणवीस को कानूनी नोटिस भेजा है। इससे पहले नवाब मलिक ने 10 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि फडणवीस के संरक्षण में जाली नोटों का धंधा होता था। वो उनके जाने के एक साल बाद तक जारी रहा। उन्होंने विदेशों से आए फोन के बाद कई कुख्यात लोगों के केस सुलझाए। फडणवीस के इशारे पर वसूली होती थी। फडणवीस ने राजनीति का अपराधीकरण किया।

इससे पहले समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने 8 नवंबर को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत उनके परिवार की जाति के बारे में झूठे आरोप लगाने के लिए मलिक के खिलाफ मुंबई में ओशिवारा डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त के पास अपनी शिकायत की थी। ध्यानदेव का कहना है कि मलिक ने उनके परिवार की जाति को लेकर झूठा और अपमानजनक बयान दिया है। समीर के पिता ने कहा कि समीर वानखेड़े के पिता ने अपनी शिकायत में आगे कहा, ‘आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण), अधिनियम 1989 की धारा 3 और भारतीय दंड की धारा 503, 508, 499, संहिता 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66ई के तहत के प्राथमिकी दर्ज कर की जाए।

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