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RPSC SI Recruitment: सुप्रीम कोर्ट ने बदला अपना फैसला; 95,000 उम्मीदवारों को लगा बड़ा झटका, सिर्फ एक को मिलेगी राहत

by Tarun Bhardwaj • April 3, 2026
Supreme Court's Major Verdict in the RPSC SI Exam Case

RPSC SI Recruitment: सुप्रीम कोर्ट ने बदला अपना फैसला; 95,000 उम्मीदवारों को लगा बड़ा झटका, सिर्फ एक को मिलेगी राहत

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यूनिक समय, नई दिल्ली। राजस्थान सब-इंस्पेक्टर (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट से एक ऐसी खबर आई है जिसने हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की विशेष पीठ ने अपने ही पिछले आदेश में बड़ा संशोधन करते हुए अंतरिम राहत के दायरे को समेट दिया है। अब इस कानूनी राहत का लाभ केवल मूल याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा को मिलेगा, जबकि शेष हजारों उम्मीदवार इस दौड़ से बाहर हो गए हैं।

95,400 उम्मीदवारों का सपना टूटा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की दलीलों पर सुनवाई करते हुए अपने 2 अप्रैल के आदेश के पैरा 5 और 6 को हटा दिया है, जिससे पिछले आदेश में करीब 95,400 अभ्यर्थियों को मिली अस्थायी राहत अब समाप्त हो गई है। कोर्ट ने इस बदलाव की मुख्य वजह यह बताई कि चूंकि केवल सूरज मल मीणा ने ही व्यक्तिगत रूप से राहत के लिए गुहार लगाई थी, इसलिए ‘याचिकाकर्ता जैसे अन्य उम्मीदवारों’ को सार्वभौमिक राहत देना उचित नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप अब यह लाभ केवल मूल याचिकाकर्ता तक ही सीमित रहेगा।

RPSC की दलील

सुप्रीम कोर्ट के इस यू-टर्न की मुख्य वजह राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वह याचिका रही, जिसमें आयोग ने तर्क दिया था कि अचानक इतनी भारी संख्या में अतिरिक्त उम्मीदवारों के लिए परीक्षा का इंतजाम करना प्रशासनिक रूप से संभव नहीं है। इस व्यावहारिक चुनौती को स्वीकार करते हुए पीठ ने स्पष्ट किया कि चूंकि सूरज मल मीणा के अलावा किसी अन्य अभ्यर्थी ने औपचारिक रूप से अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया था, इसलिए राहत के दायरे को केवल एक व्यक्ति तक ही सीमित रखा गया है।

हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले पर अंतिम फैसला सुनाएगी, जिसके बाद प्रभावित उम्मीदवारों के पास अलग से याचिका दायर कर कानूनी उपचार पाने का पूरा अधिकार सुरक्षित रहेगा। याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा द्वारा परीक्षा को चार हफ्ते टालने और अन्य अभ्यर्थियों को मौका देने की मांग के बीच, फिलहाल RPSC SI भर्ती 2025 की कानूनी गुत्थी और भी उलझती हुई नजर आ रही है।

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