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संभल: शिव मंदिर से हटाया गया अतिक्रमण, प्रसाशन ने की करवाई

by Tarun Bhardwaj • December 16, 2024
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यूनिक समय ,नई दिल्ली। संभल के खग्गू सराय स्थित प्राचीन शिव मंदिर भले सुरक्षित रहा, लेकिन दूसरे समुदाय के कई लोगों ने मंदिर के परिसर में कब्जा कर लिया था। एक व्यक्ति ने मंदिर परिसर में बैठक बना ली थी। दूसरे व्यक्ति ने दरवाजा खोल दिया था। इसी तरह कई मकानों के छज्जे भी मंदिर परिसर में निकाल लिए गए थे। तालाबंद मंदिर पूरी तरह अतिक्रमण से घिरा था।

रविवार को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की निगरानी में पालिका की टीम ने अतिक्रमण हटाया है। जो बैठक बना ली थी उसको तोड़ दिया है और दरवाजा बंद कर दिया है। इसी तरह जो छज्जे निकाले गए थे उन्हें भी तोड़ा गया है। मंदिर के आसपास हुए अतिक्रमण को भी हटाया गया है। पुरानी बाउंड्री जो जर्जर हो गई थी उसको भी तोड़ा गया है।

नए तरीके से बाउंड्री बनाई जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था भी बन सके। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे परिसर में लगाए गए हैं। डीएम ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी बैठाए गए हैं। सुरक्षा की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।

प्राचीन शिव मंदिर पर ताला लगा तो कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद होते चले गए, इसलिए किसी ने छज्जा निकाल लिया तो किसी ने दरवाजा बना दिया। समय के साथ यह कब्जा और ज्यादा बढ़ सकता था। यह कब्जा शहर में अशांति का भी कारण बन सकता था। समय रहते पुलिस प्रशासन की ओर से यह पहल कर सभी विवादों को विराम दिया गया है। हिंदू समाज के लोग प्रशासन की इस पहल की खूब प्रशंसा कर रहे हैं।

जामा मस्जिद पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। इस ऐतिहासिक इमारत में कुएं भी बने हैं। इसमें एक कुएं को खोलने की तैयारी है। इसके लिए पालिका पहल करेगी। जिसके बाद मुक्त किया जा सकेगा। बताया जाता है कि इस कुएं को वर्षों पहले पाट दिया गया था। अब इसको खोलने की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा शुरू की जाएगी।

इसी तरह जामा मस्जिद के नजदीक स्थित कब्रिस्तान में भी कुआं होने की चर्चा है, जहां की सफाई कराई जाएगी। उसमें भी यदि कुआं होगा तो उसको भी संवारने के लिए पहल की जाएगी। पालिका के ईओ का कहना है कि पालिका क्षेत्र में जितने भी कुएं हैं सभी को खोला जाएगा।

इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालूम हो जामा मस्जिद सर्वे के दौरान ही बवाल हो गया था। इस मस्जिद पर हिंदू पक्ष का दावा है कि हरिहर मंदिर हुआ करता था। जिसको बाबर के शासन काल में तोड़कर मस्जिद का रूप दिया गया। हालांकि, निचली अदालत की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।

मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में लाने के निर्देश हैं। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। सर्वे मस्जिद का पूरा हो चुका है। जिसकी सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट अदालत में पेश की जानी है। कोर्ट कमिश्नर द्वारा यह रिपोर्ट दी जानी है जो अभी उन्होंने अदालत में पेश नहीं की है।

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