यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश से संसद और विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर रहीं 65 महिला सांसद-विधायकों में से 19 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की जानकारी दी है। यह आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन 19 महिला सांसदों और विधायकों में से 12 पर गंभीर आपराधिक धाराएं दर्ज हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक महिला विधायक पर हत्या से जुड़ा मामला भी दर्ज है, जबकि तीन पर हत्या की कोशिश के आरोप हैं। हत्या से जुड़े मामले में समाजवादी पार्टी की पूजा पाल का नाम सामने आया है, जो कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)) सहित कई गंभीर धाराएं दर्ज हैं। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा 'मोना', जो प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से विधायक हैं, उनके खिलाफ कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 9 गंभीर धाराएं शामिल हैं। वहीं प्रयागराज जिले की प्रतापपुर सीट से विधायक विजमा यादव पर 2 मामले दर्ज हैं, जिनमें 8 गंभीर और 11 अन्य धाराएं शामिल हैं। इन महिला नेताओं पर दर्ज हैं आपराधिक मामले पूजा पाल (सपा, चायल) – हत्या सहित 3 केस आराधना मिश्रा मोना (कांग्रेस, रामपुर खास) – 6 केस विजमा यादव (सपा, प्रतापपुर) – 2 केस राजबाला सिंह (मिलक) – 1 केस सलोना कुशावाहा (तिलहर) – 2 केस पिंकी सिंह (असमोली) – 1 केस आशा मौर्या (महमूदाबाद) – 3 केस प्रतिभा शुक्ला (अकबरपुर रनिया) – 1 केस अनुप्रिया पटेल (मीरजापुर, सांसद) – 2 केस इंद्राणी देवी (भींगा) – 2 केस सैयदा खातून (डुमरियागंज) – 1 केस नीलम कटियार (कल्याणपुर) – 1 केस केतकी सिंह (बांसडीह) – 3 केस मिथलेश पाल (मीरापुर) – 1 केस मीनाक्षी सिंह (खुर्जा) – 1 केस संगीता यादव (राज्यसभा सांसद) – 1 केस विजय लक्ष्मी गौतम (सलेमपुर) – 1 केस मनीषा अनुरागी (राठ) – 3 केस प्रिया सरोज (मछलीशहर, सांसद) – 2 केस रिपोर्ट में बताया गया है कि यूपी की महिला नेताओं में से दो अरबपति हैं – राज्यसभा सांसद जया बच्चन (संपत्ति ₹1,578 करोड़) और मथुरा की सांसद हेमा मालिनी (संपत्ति ₹270 करोड़ से अधिक)। शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 4 महिला नेता केवल साक्षर हैं, जबकि 9 ने पांचवीं से लेकर बारहवीं तक की पढ़ाई की है। 52 महिला सांसद और विधायक स्नातक या उससे ऊपर की शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं। उम्र के लिहाज से देखा जाए तो 39 महिला सांसद-विधायक 50 वर्ष से कम उम्र की हैं, जबकि 26 महिलाएं 50 वर्ष या उससे अधिक की उम्र की हैं।