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Tech News: सैम ऑल्टमैन का पिता बनने के बाद बदला नजरिया; बोले “बच्चों को आईपैड नहीं, असली दुनिया की गतिविधियां जरूरी”

by Tarun Bhardwaj • April 6, 2026
Sam Altman's Perspective Shifts After Becoming a Father

Tech News: सैम ऑल्टमैन का पिता बनने के बाद बदला नजरिया; बोले “बच्चों को आईपैड नहीं, असली दुनिया की गतिविधियां जरूरी”

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यूनिक समय, नई दिल्ली। दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्रांति लाने वाली कंपनी OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने बच्चों और तकनीक के रिश्तों पर एक चौंकाने वाला और बड़ा बयान दिया है। ‘मोस्टली ह्यूमन’ पॉडकास्ट में चर्चा के दौरान ऑल्टमैन ने साफ कहा कि छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन या आईपैड से कहीं ज्यादा जरूरी ‘असली दुनिया’ (Real World) की गतिविधियां हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को तकनीक के जाल में उलझाने के बजाय उन्हें बाहर जाकर प्रकृति का आनंद लेना चाहिए और मिट्टी में खेलना चाहिए।

पिता बनने के बाद बदला नजरिया

सैम ऑल्टमैन की यह राय उनकी पुरानी विचारधारा से पूरी तरह विपरीत है क्योंकि पहले उन्हें बच्चों के गैजेट्स इस्तेमाल करने से कोई खास परहेज नहीं था, लेकिन खुद पिता (पेरेंट) बनने के बाद उनके विचारों में बड़ा ‘यू-टर्न’ आया है। ऑल्टमैन ने एक पॉडकास्ट में स्क्रीन की लत पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि जब वे बच्चों से आईपैड छीनना लगभग असंभव होते देखते हैं तो उन्हें बहुत बुरा महसूस होता है, इसीलिए उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अपने बच्चों को आईपैड की आदत नहीं लगने देंगे और उनके बचपन का केंद्र शारीरिक गतिविधियों को बनाएंगे।

तकनीक नहीं, प्रकृति और शारीरिक खेल हैं जरूरी

चैटजीपीटी (ChatGPT) के संस्थापक सैम ऑल्टमैन का दृढ़ विश्वास है कि बचपन का आधार तकनीक नहीं हो सकता, इसलिए उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आउटडोर गेम्स, प्रकृति से जुड़ाव और मिट्टी में खेलने जैसी वास्तविक जीवन की गतिविधियों को अनिवार्य बताया है। उनका मानना है कि टैबलेट पर गेम खेलने के बजाय बाहर जाकर भाग-दौड़ करना, प्राकृतिक नजारों को निहारना और अपनों के साथ समय बिताना बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए एक ‘बेसिक’ जरूरत है।

टेक दिग्गजों की एक ही राय

सैम ऑल्टमैन से पहले स्टीव जॉब्स और बिल गेट्स जैसे टेक दिग्गज भी अपने बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम को लेकर बेहद सख्त रहे हैं। ऑल्टमैन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ‘डिजिटल स्क्रीन’ के दुष्प्रभावों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। एआई के दौर में तकनीक के सबसे बड़े पैरोकार का यह सुझाव माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि “तकनीक सुविधा के लिए है, बचपन के विकल्प के लिए नहीं।”

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