Mon, Jun 8th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

तालिबान की क्रूरता: सीने में मारी गोली, फिर लाश को क्रेन से टांग दिया, लोगों ने घंटों देखा मौत का तमाशा

by Raju Chaurasia • September 26, 2021
Advertisement
Ad

काबुल। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने कहा था कि वह इस बार नागरिकों के साथ क्रूरता नहीं करेगा। लेकिन तालिबान लगातार अपने ही वादे को तोड़ रहा है। ताजा मामला पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात प्राांत का है। यहां तालिबानी पुलिस ने चौराहे पर 4 लोगों को सरेआम गोली मारी, फिर शवों को क्रेन के जरिए चौराहों पर टांग दिया। शव घंटों ऐसे ही टंगे रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चारों पर किडनैपिक का आरोप था। तालिबान ने सत्ता पर कब्जा करने के बाद कहा था कि वह महिलाओं को उनके अधिकार देगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तालिबान की क्रूरता की तस्वीरें…

Taliban shot and hanged the body from a crane in Afghanistan

वारदात के चश्मदीद ने बताया, तालिबानी 4 शवों को लेकर चौराहे पर आए। फिर उन्होंने क्रेन मंगाई और चारों के शव को हवा में टांग दिया। घंटों यहां पर लाश झूलती रही।

Taliban shot and hanged the body from a crane in Afghanistan

शवों के गले में एक तख्ती लगी थी, जिसमें पश्तों में कुछ लिखा गया था। तालिबान का कहना है कि लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

Taliban shot and hanged the body from a crane in Afghanistan

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ऐसी सजा देना आगे भी जारी रखेगा। इसके पीछे तर्क है कि तालिबान चाहता है कि गलत काम करने से पहले लोग हजार बार सोचे। स्थानीय लोगों को कहना है कि अफगानिस्तान में 90 का दशक फिर से वापस लौट आया है।

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, गलत काम नहीं करना चाहिए। गलत काम करने वालों को सजा देनी चाहिए। लेकिन इंसानों की तरह। जानवरों की तरह नहीं।

15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान के काबुल पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अफगानिस्तान में तालिबान की क्रूरता जारी है। तालिबान ने पहले तो कहा था कि वह महिलाओं की रक्षा करेगा, लेकिन बाद में उसने खुद ही महिलाओं को नौकरी पर जाने से रोक दिया।

दुनिया ने तालिबान की क्रूरता को 1996 से लेकर 2001 के बीच देखा है। किसी महिला की नाक काट दी गई तो किसी की आंख फोड़ दी गई। ऐसे में इस बार भी अफगानिस्तान के लोगों को डर है कि वही शासन फिर से वापस न आ जाए।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.