इन दिनों कब्ज की समस्या काफी कॉमन हो गई है. कब्ज होने की वजह से कई अन्य बीमारियों के होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप इस समस्या को दूर करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करें. अगर आप नेचुरल तरीके से कब्ज की समस्या को दूर करें तो ये अधिक फायदेमंद होगा. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने डाइट में बदलाव लाएं, लाइफस्टाइल हेल्दी रखें और योग का सहारा लें. आज न्यूज़18 हिंदी के यूट्यूब लाइव सेशन में योग प्रशिक्षिका सविता यादव ने कुछ ऐसे योगों की जानकारी दी जिसकी मदद से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है. इस तरह अभ्यास की करें शुरुआत सबसे पहले किसी भी आसन में बैठें और गहरी सांस लें. अब दोनों हाथों की उंगलियों को इंटरलॉक कर सिर के ऊपर उठाते हुए पूरी बॉडी को स्ट्रेच करें. अब 10 की गिनती तक इसी आसन में रहें, फिर धीरे से हाथों को नीचे कर रिलैक्स करें. अब ध्यान की मुद्रा बनाएं और पूरा ध्यान अपने शरीर व आती जाती स्वांस पर लगाएं. अब ओम शब्द का उच्चारण करें. मलासन का अभ्यास आप मैट पर घुटना मोड़कर बैठ जाएं और दोनों कोहनियों को घुटनों के बीच लाकर प्रणाम मुद्रा बनाएं. हिप्स को नीचे की तरफ और पीठ को ऊपर की तरफ स्ट्रेच करें. इसी मुद्रा में कम से कम 10 की गिनती तक रहें. जो लोग पैरों को मिलाकर बैठ सकते हैं वे पैरों को मिलाकर बैठें. कॉवा चालन अब मैट के एक साइड में घुटनों का मोड़कर बैठें. अब एक घुटने का नीचे रखें और दूसरे घुटनों को उठाए रखें. अब ऐसे ही आगे बढ़ें. ध्यान रखें कि दोनों हाथ घुटनों पर हों. इसी तरह आप मैट के दूसरे छोड़ तक आए. ऐसा 5 से 6 राउंड लगाएं. पवनमुक्तासन अब मैट पर हिप्स रखकर घुटनों को मोड़कर बैठ जाएं, कमर सीधी रखें, दोनों हाथों से अपने पैरों को जोर से पकड़कर बैठ जाएं. ऐसा 10 की गिनती तक होल्ड करें. खड़े होकर करें अभ्यास ताड़ासन की मुद्रा में मैट पर खड़े हो जाएं और हाथों की उंगलियों को इंटरलॉक कर ऊपर की तरफ स्ट्रेच करें. अब गहरी सांस लेते हुए एक बार बाईं ओर झुकें और सांस छोड़ें. फिर सांस लेते हुए दाहिनी ओर झुकें और सांस छोड़ें. ऐसा आप 10 बार करें. विस्तार से आप नीचे दिए गए वीडियो लिंक पर देख सकते हैं. भुजंगासन अपने अपने मैट पर पेट के बल लेट जाएं. अब दोनों पैरों के बीच थोड़ा सा गैप बनाएं. अब दोनों हथेलियों को कंघों के दोनों तरफ रखें और गहरी सांस लेते हुए शरीर का कमर से ऊपर उठाएं. अब सांस छोड़ते हुए वापिस मैट पर लेट जाएं. ऐसा आप 10 बार करें. फिर रिलैक्स हो जाएं. इसके बाद आप तिर्यक भुजंगासन का अभ्यास करें. विज्ञापन बरतें ये सावधानियां जिन लोगों का पाइल्स या बवासिर की समस्या हो चुकी है वे मलासन और कॉवाचालासन का अभ्यास ना करें. घुटनों में दर्द हो तो भी ये योग ना करें. वीडियो लिंक पर आप विस्तार से अभ्यास देख सकते हैं.