यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के दौराला कस्बे में शुक्रवार रात उस वक्त कोहराम मच गया, जब देसी शराब का सेवन करने से तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। 'बंटी जीरा' ब्रांड के एक पाउच ने हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और मंदिर-मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से मुनादी कराई गई है कि लोग फिलहाल शराब का सेवन न करें। दोस्ती, दावत और फिर मौत का मंजर मेरठ के दौराला में सरधना रोड स्थित एक देसी शराब के ठेके से खरीदी गई शराब तीन दोस्तों के लिए काल बन गई, जहाँ शुक्रवार रात साथ बैठकर शराब पीने वाले बाबूराम प्रजापति (55), अंकित (45) और जितेंद्र (50) की कुछ ही देर बाद तबीयत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ते देख तीनों को टोल प्लाजा स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अंकित और जितेंद्र को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे बाबूराम ने भी एक घंटे बाद दम तोड़ दिया, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में हाहाकार मच गया। प्रशासनिक एक्शन दौराला में हुई इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और त्वरित कार्रवाई करते हुए उस शराब के ठेके को तुरंत सील करने का आदेश दिया, जो भाकियू नेता मिंटू अहलावत के पिता जयपाल अहलावत के नाम पर संचालित था। पुलिस ने इस मामले में जयपाल अहलावत और ठेके के दो सेल्समैन को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है, जबकि आबकारी विभाग अब गंभीरता से इस बात की जांच कर रहा है कि जहरीली मानी जा रही उस स्टॉक की 9 पेटियां और किन-किन स्थानों पर बेची गई हैं। मंदिर-मस्जिदों से चेतावनी दौराला में जहरीली शराब से और मौतें न हों, इसके लिए पुलिस ने एक अनोखा और सख्त तरीका अपनाते हुए कस्बे के सभी मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से मुनादी कराई कि कोई भी व्यक्ति फिलहाल शराब न खरीदे। प्रशासन द्वारा स्टॉक की जांच किए जाने तक सार्वजनिक चेतावनी जारी की गई है कि जिन लोगों ने पहले से शराब खरीद ली है, वे उसे बिल्कुल न पिएं और सावधानी बरतते हुए उसे तुरंत फेंक दें। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा जब आला अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे, तो ग्रामीणों ने जमकर रोष व्यक्त किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार की सूचना कई बार पुलिस और आबकारी विभाग को दी गई, लेकिन भ्रष्टाचार और ढुलमुल रवैये के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल कागजी खानापूर्ति के बजाय दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Raghav Chadha Controversy: आम आदमी पार्टी के आरोपों को राघव चड्ढा ने बताया ‘सफेद झूठ’, पूछे तीन तीखे सवाल [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]