यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले काफी समय से परदे के पीछे चल रही शांति वार्ता अब पूरी तरह विफल होती नजर आ रही है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव अब एक भीषण और सीधे सैन्य टकराव में तब्दील हो चुका है। ईरान की ताकतवर सैन्य शाखा 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स' (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उसने अपने बंदर अब्बास पोर्ट के पास हुए अमेरिकी हमलों के करारे जवाब में एक अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाते हुए भीषण जवाबी हमला किया है। दोनों महाशक्तियों के बीच छिड़ी इस जंग की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में हड़कंप मच गया है। ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर किया जवाबी हमला ईरान की आधिकारिक 'तसनीम समाचार एजेंसी' की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने गुरुवार को एक सैन्य बयान जारी कर इस जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की है। आईआरजीसी के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार गुरुवार तड़के सुबह 4:50 बजे उन्होंने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई बुधवार रात को बंदर अब्बास पोर्ट के पास अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा किए गए हवाई हमले के जवाब में की गई है। हालांकि, रणनीतिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ईरानी सेना ने अभी तक यह उजागर नहीं किया है कि उसने मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में स्थित अमेरिका के किस विशिष्ट एयरबेस को अपनी मिसाइलों और ड्रोन्स से निशाना बनाया है। IRGC ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी अमेरिकी एयरबेस पर हमला करने के साथ ही ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने वाशिंगटन (अमेरिका) को सीधे तौर पर बेहद सख्त और खुली चेतावनी जारी की है। ईरान ने अपने आधिकारिक संदेश में स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ने उसके सैन्य ठिकानों या सीमाओं पर इस तरह के हवाई हमलों को दोबारा दोहराने की हिमाकत की, तो ईरान की तरफ से इससे भी ज्यादा निर्णायक, विनाशकारी और घातक प्रतिक्रिया दी जाएगी। ईरान ने दो टूक लहजे में कहा है कि इसके बाद क्षेत्र में होने वाले किसी भी गंभीर और युद्ध जैसे परिणामों के लिए केवल और केवल हमलावर (अमेरिका) जिम्मेदार होगा। कुवैत ने शुरू किया मिसाइलों को इंटरसेप्ट करना अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी इस भीषण गोलाबारी का सीधा और डरावना असर अब खाड़ी के पड़ोसी देशों पर भी साफ तौर पर दिखने लगा है। क्षेत्र में अचानक बढ़े इस युद्ध के खतरे और अपनी सीमाओं की सुरक्षा को देखते हुए कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने एक आपातकालीन बयान जारी किया है। कुवैत ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह अलर्ट पर हैं और वे अपनी एयरस्पेस (वायु सीमा) की ओर लगातार दागी जा रहीं अज्ञात मिसाइलों और आत्मघाती यूएवी (UAVs/ड्रोन) को लगातार इंटरसेप्ट कर रहे हैं तथा उन्हें सीमा में घुसने से पहले हवा में ही नष्ट कर रहे हैं। अमेरिका ने बंदर अब्बास पोर्ट को बनाया था निशाना इस ताजा सैन्य टकराव की शुरुआत बुधवार रात को हुई, जब अमेरिका ने आत्मरक्षा का हवाला देते हुए ईरान के अंदर एक और बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार रात लगभग 1:30 बजे (स्थानीय समय) ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से में तीन गगनभेदी धमाकों की आवाजें सुनाई दी थीं। एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' को बताया कि अमेरिकी सेना ने रात भर ईरान के भीतर नए हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई में ईरान के एक ऐसे सक्रिय सैन्य ठिकाने को तबाह किया गया है, जिसके बारे में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना था कि वह 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) में तैनात अमेरिकी सेना और वहां से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल समुद्री जहाजों के लिए एक बड़ा और तत्काल खतरा पैदा कर रहा था। वाशिंगटन ने इस पूरी कार्रवाई को पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अपनी आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Tech News: मेटा ने लॉन्च किए ‘Plus’ सब्सक्रिप्शन प्लान; अब फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप चलाने के लिए देने होंगे पैसे [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]