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Vrindavan: राधावल्लभ मंदिर में ‘स्वर्णकार’ रूप में सजे ठाकुरजी; खिचड़ी उत्सव की मंगला आरती में हुई चांदी के सिक्कों की वर्षा

by Tarun Bhardwaj • January 13, 2026
राधावल्लभ मंदिर में 'स्वर्णकार' रूप में सजे ठाकुरजी

Vrindavan: राधावल्लभ मंदिर में ‘स्वर्णकार’ रूप में सजे ठाकुरजी; खिचड़ी उत्सव की मंगला आरती में हुई चांदी के सिक्कों की वर्षा

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यूनिक समय, वृन्दावन। राधावल्लभ मंदिर में चल रहे एकमासीय खिचड़ी उत्सव में प्रतिदिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। भोर की ठंड और ठिठुरन के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं है। मंगला आरती के समय हजारों भक्त ठाकुरजी के दिव्य दर्शन की लालसा लिए मंदिर पहुँच रहे हैं। खिचड़ी उत्सव के दौरान ठाकुर राधावल्लभ लाल प्रतिदिन विभिन्न अलौकिक रूपों में दर्शन देकर भक्तों को भाव-विभोर कर रहे हैं।

मंगलवार प्रातः मंगला आरती के अवसर पर जैसे ही मंदिर के पट खुले, ठाकुर राधावल्लभ लाल ने सुनार (स्वर्णकार) के अलौकिक स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित ठाकुरजी ने भव्य स्वर्ण आभूषण धारण कर रखे थे, जो उनके दिव्य स्वरूप की शोभा को और भी बढ़ा रहे थे। दर्शन के दौरान प्रतीकात्मक रूप से चांदी के सिक्के भक्तों में लुटाए गए, जिन्हें श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी की कृपा एवं प्रसाद स्वरूप सहर्ष ग्रहण किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ठाकुरजी अपने प्रेम और अनुग्रह के रूप में भक्तों पर कृपा-वर्षा कर रहे हों। इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन करते ही मंदिर परिसर “श्री राधावल्लभ लाल की जय” के जयघोष से गूंज उठा।

सेवायत श्रीहित अभय गोस्वामी जी ने बताया कि श्रीहित हरिवंश महाप्रभु द्वारा स्थापित राधावल्लभ मंदिर में शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए ठाकुरजी को ऊनी वस्त्र धारण कराए गए हैं तथा सर्दी से बचाव के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। भोर में मंगला आरती के समय ठाकुरजी को पंचमेवायुक्त गरम खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया, जिसकी सुगंध से संपूर्ण मंदिर प्रांगण भक्तिमय वातावरण से भर गया।

सुबह लगभग सात बजे दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे मंदिर परिसर खचाखच भर गया। इस अवसर पर सेवायतों द्वारा जगमोहन में ठाकुरजी के जागरण एवं खिचड़ी के पदों का मधुर गायन किया गया। पद-गायन के साथ भक्तों में विशेष उत्साह और उल्लास देखने को मिला, जिससे खिचड़ी उत्सव का आनंद द्विगुणित हो गया।

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