यूनिक समय, नई दिल्ली। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद पश्चिम एशिया युद्ध के मुहाने पर खड़ा हो गया है। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण नाकेबंदी और तेल प्रतिबंधों में छूट खत्म करने के फैसले ने तेहरान को आगबबूला कर दिया है। ईरान ने अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दखल दिया गया, तो वह अमेरिकी नौसेना का नामो-निशान मिटा देगा। मोहसिन रेजाई ने दी चेतावनी ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के नवनियुक्त सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने सरकारी टीवी चैनल पर अमेरिका को सीधी धमकी दी है। मोहसिन रेजाई ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत ईरान की आधुनिक मिसाइलों के आसान लक्ष्य हैं और पहली ही मिसाइल की मार से उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो ईरान हजारों अमेरिकी सैनिकों को बंदी बना लेगा और प्रत्येक सैनिक की रिहाई के बदले एक अरब डॉलर की मांग करेगा। रेजाई ने राष्ट्रपति ट्रंप पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वह अब होर्मुज के 'पुलिस' बनना चाहते हैं? अमेरिकी नाकेबंदी और तेल संकट अमेरिका ने अरब और ओमान की खाड़ी में ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से घेराबंदी कर दी है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे हैं ताकि ईरान का व्यापार पूरी तरह ठप किया जा सके। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की है कि रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी गई 30 दिनों की अस्थायी छूट अब नहीं बढ़ाई जाएगी। यह छूट इस सप्ताहांत समाप्त हो रही है, जिससे तेहरान की आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है। भारत की बढ़ी चिंताएं अमेरिका के इस कड़े रुख का सीधा असर भारत पर पड़ेगा। भारत ने हाल ही में रूस से लगभग 3 करोड़ बैरल तेल का ऑर्डर दिया था। प्रतिबंधों में छूट खत्म होने से भारत के लिए तेल की आपूर्ति और कीमतें एक बड़ी चुनौती बन सकती हैं। अमेरिका ने भारत को "अत्यावश्यक साझेदार" बताते हुए उम्मीद जताई है कि भारत अब रूस और ईरान के बजाय अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा। विश्व मंच पर शांति की अपील युद्ध की बढ़ती संभावनाओं के बीच वैश्विक नेताओं ने संयम बरतने को कहा है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि दुनिया पहले से ही मानवीय पीड़ा झेल रही है, ऐसे में युद्ध विनाशकारी होगा। वैटिकन से पोप लियो ने हिंसा का रास्ता छोड़कर प्रेम और न्याय अपनाने की अपील की है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: मथुरा जंक्शन पर यात्री सुविधाओं का बुरा हाल; रेल परामर्श समिति के निरीक्षण में खुली पोल [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]