यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में भाजपा की जीत के बाद राज्य का राजनीतिक पारा चरम पर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग और भाजपा पर चुनाव में धांधली और साजिश रचने के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस्तीफा देने लोकभवन नहीं जाएंगी। इस्तीफे के सवाल पर भड़कीं ममता मीडिया द्वारा इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा "हम चुनाव हारे नहीं हैं। अगर मैं जीत गई होती, तो शपथ से पहले इस्तीफा देने जाती। लोकभवन जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता"। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर उन्हें जबरन हराया है, लेकिन नैतिक रूप से जीत उन्हीं की हुई है। ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए 5 प्रमुख आरोप मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया को 'लोकतांत्रिक अधिकारों की लूट' बताते हुए पांच बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 32 लाख नाम जोड़े गए, लेकिन अभी भी स्थिति साफ नहीं है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को 'खलनायक' बताते हुए पूछा कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम में 80-90% चार्ज कैसे रह सकता है? ममता ने दावा किया कि चुनाव से दो दिन पहले टीएमसी समर्थकों को गिरफ्तार किया गया और सभी निष्पक्ष आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को बदल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर 'बेटिंग' (दांव) लगाई और पूरी सरकारी मशीनरी, जिसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं, ने चुनाव में सीधा दखल दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि काउंटिंग रूम में उनके एजेंटों को जाने नहीं दिया गया और उनके साथ खुद मारपीट व धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने कहा, "मेरे पेट और पीठ पर लात मारी गई"। भविष्य की रणनीति ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि अब उनके पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए वे एक आम नागरिक की तरह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने उनसे बात की है और वे इस गठबंधन को मजबूत करेंगी। उन्होंने जानकारी दी कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव कल उनसे मिलने कोलकाता आएंगे। टीएमसी ने हार के कारणों और अनियमितताओं की जांच के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है। ममता बनर्जी ने अंत में भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने 15 वर्षों तक जनता की सेवा की और पेंशन या तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं लिया, लेकिन अब वे पूरी तरह स्वतंत्र हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: UAE में मिसाइल हमले के कारण दुबई एयरपोर्ट पर फंसीं अमीषा पटेल; एक्ट्रेस ने बयां किया दर्द [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]