यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पदभार संभालते ही राज्य की प्रशासनिक और राजनैतिक दिशा बदलने के संकेत दे दिए हैं। सोमवार को नबान्न (सचिवालय) में हुई कैबिनेट की पहली बैठक के बाद सीएम शुभेंदु ने साफ कर दिया कि अब बंगाल में 'अहम नहीं, नीति' चलेगी। पीएम मोदी के 'भय आउट-भरोसा इन' मंत्र के साथ सरकार ने सुशासन और सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। कैबिनेट के 5 सबसे बड़े ऐतिहासिक फैसले 1. BSF को 45 दिनों में जमीन राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सीएम ने निर्देश दिया है कि बॉर्डर पर लंबित लैंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाए। मुख्य सचिव और भूमि सचिव को 45 दिनों के भीतर BSF को जमीन सौंपने का अल्टीमेटम दिया गया है। 2. केंद्रीय योजनाओं का द्वार खुला मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय योजनाओं का द्वार पूरी तरह से खोल दिया गया है, जिसके तहत पिछली सरकार द्वारा रोकी गई सभी महत्वपूर्ण योजनाओं को अब राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस बड़े फैसले के बाद पश्चिम बंगाल अब 'आयुष्मान भारत' (PM-JAY) स्वास्थ्य योजना का हिस्सा बनेगा, जिससे लाखों परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त, पीएम किसान बीमा, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और उज्ज्वला योजना जैसी प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजनाओं को भी राज्य के कोने-कोने में सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 3. युवाओं को बड़ी सौगात बंगाल के बेरोजगार युवाओं को राहत देते हुए कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। 4. जनगणना और प्रशासनिक सुधार गृह मंत्रालय द्वारा जून 2025 के लिए जारी जनगणना निर्देशों को तुरंत प्रभावी कर दिया गया है। साथ ही, राज्य के प्रशासनिक ढांचे को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुरूप ढालने और IAS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। 5. शहीदों को नमन और न्याय का वादा सीएम ने भाजपा के 321 कार्यकर्ताओं (शहीदों) को श्रद्धांजलि दी और स्पष्ट किया कि राजनीतिक हत्याओं में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। कैबिनेट में कौन-कौन रहा मौजूद? पहली बैठक में मुख्यमंत्री के साथ अग्निमित्रा पॉल, खुदीराम टुडू, अशोक कीर्तनिया और निशित प्रामाणिक जैसे कद्दावर नेता शामिल हुए। सभी मंत्रियों ने एक सुर में 'डबल इंजन' सरकार की रूपरेखा पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से कहा "हमारी सरकार डॉ. आंबेडकर के 'For the People, By the People, Of the People' के आदर्शों पर चलेगी। बंगाल अब उसी विकास की राह पर चलेगा जैसे NDA शासित अन्य 20 राज्य चल रहे हैं। हमने चुनाव के दौरान हुए रक्तपात को पीछे छोड़ सुशासन की नई नींव रखी है।" शुभेंदु अधिकारी का यह 'फुल एक्शन मोड' बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहाँ अब केंद्र और राज्य के बीच टकराव के बजाय समन्वय की राजनीति दिखाई दे रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: सोमनाथ अमृत पर्व-2026: पीएम मोदी ने 11 पवित्र तीर्थों के जल से किया 90 मीटर ऊंचे शिखर का कुंभाभिषेक [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]