धर्म ग्रंथों में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व बताया गया है। ये हमारे पितरों से संबंधित हैं। हर साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विनी मास की अमावस्या तिथि तक श्राद्ध पक्ष मनाया जाता है। इसे पितृ पक्ष भी कहते हैं। 16 दिनों के इस श्राद्ध पक्ष में लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण आदि करते हैं। इन दिनों में पितृ तीर्थों पर लोगों की भीड़ उमड़ती है। आगे जानिए इस बार श्राद्ध पक्ष कब से कब तक रहेगा। इस दिन से शुरू होगा श्राद्ध पक्ष श्राद्ध पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होता है, जो आश्विन मास की अमावस्या तक रहता है। इस बार भाद्रपद मास की पूर्णिमा 29 सितंबर, शुक्रवार से है, यानी इसी दिन से श्राद्ध पक्ष की शुरूआत होगी। पंचांग के अनुसार आश्विन मास की अमावस्या तिथि 14 अक्टूबर, शनिवार को है यानी इस दिन सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के साथ ही श्राद्ध पक्ष की समापन हो जाएगा। इस बार श्राद्ध पक्ष पूरे 16 दिन का रहेगा। क्यों खास है श्राद्ध पक्ष? धर्म ग्रंथों में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अनुसार, श्राद्ध पक्ष के दौरान अपने मृत पितृ धरती पर आते हैं और अपने वंशजों से भोजन-पानी की आशा रखते हैं। जो लोग ये करते हैं, पूर्वज उन्हें आशीर्वाद देते हैं। जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है। वे यदि इस दौरान कुछ खास उपाय करें तो उनके इस दोष में कमी आ सकती है। किस दिन, कौन-सी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा? 29 सितंबर 2023, शुक्रवार: पूर्णिमा श्राद्ध 30 सितंबर 2023, शनिवार: प्रतिपदा/द्वितीया श्राद्ध 01 अक्टूबर 2023, रविवार: तृतीया श्राद्ध 02 अक्टूबर 2023, सोमवार: चतुर्थी श्राद्ध 03 अक्टूबर 2023, मंगलवार: पंचमी श्राद्ध 04 अक्टूबर 2023, बुधवार: षष्ठी श्राद्ध 05 अक्टूबर 2023, गुरुवार: सप्तमी श्राद्ध 06 अक्टूबर 2023, शुक्रवार: अष्टमी श्राद्ध 07 अक्टूबर 2023, शनिवार: नवमी श्राद्ध 08 अक्टूबर 2023, रविवार: दशमी श्राद्ध 09 अक्टूबर 2023, सोमवार: ये वृद्धि तिथि रहेगी, इस दिन किसी तिथि का श्राद्ध नहीं किया जाएगा। 10 अक्टूबर 2023, मंगलवार: एकादशी श्राद्ध 11 अक्टूबर 2023, बुधवार: द्वादशी श्राद्ध 12 अक्टूबर 2023, गुरुवार: त्रयोदशी श्राद्ध 13 अक्टूबर 2023, शुक्रवार: चतुर्दशी श्राद्ध 14 अक्टूबर 2023, शनिवार: सर्व पितृ अमावस्या