यूनिक समय, मथुरा। जिले के कोसीकलां कस्बे में स्थित सराफा शोरूम 'जुगल किशोर एंड संस' में हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी का मथुरा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 10 किलो सोना और 15 लाख रुपये नकदी उड़ाने वाला कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि व्यापारी का ही एक पूर्व कर्मचारी निकला। एसएसपी श्लोक कुमार के कुशल निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दुकान के ही पूर्व कर्मचारी पप्पू को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से 7 किलो सोना और ₹11 लाख की भारी नकदी बरामद कर ली है। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ा गया आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से दुकान में लगा सीसीटीवी का DVR भी अपने साथ उखाड़ ले गया था। हालांकि, पुलिस की जांच में आरोपी की चालाकी काम न आ सकी। वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमे ने त्वरित और योजनाबद्ध तरीके से काम किया। एसएसपी श्लोक कुमार ने घटना का पर्दाफाश करने के लिए 12 अलग-अलग टीमों को मैदान में उतारा था, जिन्होंने दिन-रात एक कर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने जब इलाके के अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो एक व्यक्ति मुंह ढके हुए और कंधे पर भारी बैग लटकाए तेजी से जाता दिखाई दिया। फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद जब संदिग्ध का मिलान किया गया, तो उसकी पहचान व्यापारी वरुण अग्रवाल के पूर्व कर्मचारी के रूप में हुई। पहचान होते ही पुलिस टीम ने आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी और घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से गदगद सराफा एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया है। इसके साथ ही सराफा एसोसिएशन ने पूरी पुलिस टीम को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। 6 महीने पहले नौकरी से निकाला गया था आरोपी पुलिस पूछताछ और शुरुआती जांच में घटना से जुड़ी प्रमुख जानकारियां सामने आई हैं। पकड़ा गया युवक कोसी कस्बे का ही रहने वाला है और वह पहले 'जुगल किशोर एंड संस' में काम करता था। आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों और हरकतों के चलते व्यापारी ने करीब छह महीने पहले उसे नौकरी से बाहर कर दिया था। पूर्व कर्मचारी होने के कारण आरोपी को दुकान के प्रवेश द्वार, स्ट्रांग रूम, तिजोरी और सुरक्षा इंतजामों की पूरी जानकारी थी। उसने इसी जानकारी का फायदा उठाकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। नौकरों के भरोसे पर लगी चोट दुकान के ही पूर्व कर्मचारी द्वारा गद्दारी किए जाने की बात सामने आने के बाद व्यापारियों में गहरा असंतोष और चिंता का माहौल है। घटना से सबक लेते हुए सराफा व्यापारियों ने फैसला किया है कि अब किसी भी नए कर्मचारी को बिना ठोस गारंटी के काम पर नहीं रखा जाएगा। सराफा एसोसिएशन ने सभी प्रतिष्ठान स्वामियों से अपने-अपने कर्मचारियों का तत्काल पुलिस वेरिफिकेशन कराने की अपील की है। इसके साथ ही दुकानों में सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है ताकि शेष साक्ष्यों और प्रक्रियाओं को नियमानुसार पूरा किया जा सके। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि शेष साक्ष्यों और प्रक्रियाओं को नियमानुसार पूरा किया जा सके। यह खबर अभी अपडेट हो रही है....