लखनऊ। कोरोना संक्रमण के मामले में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ में चौबीस घंटे के अंदर 5433 लोग कोरोना की चपेट में आए। वहीं 14 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस बीच सोशल मीडिया लखनऊ का एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो भैंसाकुंड स्थित श्मशान का बताया जा रहा है। वीडियो में एक साथ कई चिताएं (Pyre) जलती दिख रही हैं। इस वीडियो पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दे रहे है। कई सरकार द्वारा जारी किए गए कोरोना से मौतों के आंकड़े पर सवाल भी उठा रहे हैं। https://twitter.com/BinjolaArun/status/1382564312485490692?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1382564312485490692%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news18.com%2Fnews%2Futtar-pradesh%2Flucknow-corona-infection-breaks-all-records-in-lucknow-see-viral-video-of-burning-pyre-at-cremation-ground-bhainsakund-upas-3559089.html बता दें लखनऊ में कोरोना ने यहां पर कोहराम मचा रखा है। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सरकार और प्रशासन के साथ अब लोगों ने भी पहल शुरू कर दी है। लखनऊ में हजरतगंज व्यापार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला किया है कि हजरतगंज बाजार 15 से 18 अप्रैल तक पूरी तरह से बंद रहेगा। इसी तरह का फैसला अन्य बाजारों के संगठन भी ले रहे हैं। यूपी में रोज का संक्रमण 20 हजार पार बता दें पिछले पिछले 24 घंटों में ही पूरे प्रदेश में 20,510 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं. इस समय कुल एक्टिव केस 1,11,835 हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद कहते हैं कि पिछले 24 घंटों में मामले तो बढ़े हैं लेकिन 4517 लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात भी दी हैं बता दें उत्तर प्रदेश् के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवदी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई दिग्गज भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उधर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी मंगलवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण से अधिक प्रभावित शहरों में राज्य सरकार को दो या तीन हफ्ते के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने पर विचार करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा कि सड़क पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के दिखायी न दे अन्यथा कोर्ट पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्यवाही करेगी। कोर्ट ने कहा है कि सामाजिक धार्मिक आयोजनों में 50 आदमी से अधिक न इकट्ठा होंं याचिका पर अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।