यूनिक समय, लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था और चढ़ावे के साथ खिलवाड़ करने वाले शातिर नेटवर्क का पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) ने पूरी तरह भंडाफोड़ कर दिया है। मंदिर में दान की रकम चोरी करने के मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार सुबह औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले गुरुवार शाम को हिरासत में लिए गए इन आरोपियों से राम जन्मभूमि थाने में रातभर पूछताछ की गई। पूछताछ और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस आज ही इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी में है। अब तक 60 लाख रुपये बरामद एसआईटी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक करीब 60 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की जा चुकी है। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव ने रातभर चली पूछताछ में पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। आरोपियों ने इस काली कमाई के खेल में शामिल कई सरकारी बैंक अफसरों के नामों का भी खुलासा किया है। पुलिस को बैंककर्मियों की संलिप्तता के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिसके चलते एफआईआर में सरकारी अधिकारी के चोरी में शामिल होने की गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। विवेचना आगे बढ़ने के साथ ही इस केस में कुछ बड़े बैंक अधिकारियों के नाम भी आरोपी के रूप में सामने आ सकते हैं। बाथरूम में छिपती थीं नोटों की गड्डियां जाँच में आरोपियों के नोट पार करने के बेहद शातिर और हैरान करने वाले तरीके का खुलासा हुआ है। चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान आरोपी अनुकल्प मिश्रा और उसके साथी नोटों की गड्डियों को नजर बचाकर सीधे बाथरूम में छिपा देते थे। बाद में मौका पाकर इन गड्डियों को बेहद चालाकी से मंदिर परिसर के बाहर निकाल लिया जाता था। इसके बाद सभी आरोपी एक निश्चित मकान पर इकट्ठा होते थे, जहाँ चोरी की गई करोड़ों की रकम का आपस में बंटवारा किया जाता था। चौंकाने वाली बात यह है कि आस्था के केंद्र में चोरी का यह घिनौना खेल पिछले दो से तीन साल से लगातार चल रहा था। सीसीटीवी ने खोली पोल एसआईटी ने राम मंदिर परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला, जिसमें ये सभी आरोपी दान की रकम चोरी करते हुए रंगे हाथों कैद हुए हैं। इस पूरी साजिश के पीछे रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव का दिमाग था। सुभाष के पास ही चढ़ावे की गणना (काउंटिंग) में कर्मियों की ड्यूटी लगाने और पूरी जांच-पड़ताल का जिम्मा था, जिसका फायदा उठाकर उसने इस काले खेल में अन्य छह कैशियरों को जोड़ा था। वहीं टिन्नू यादव के पास डोनेशन बॉक्सेज की मुख्य चाबियां रहती थीं। मंदिर परिसर में टिन्नू का इस कदर हुक्म चलता था कि सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से लेकर नौकरियों तक का फैसला वही करता था। इसी वीआईपी रसूख की आड़ में इस बड़ी हेराफेरी को अंजाम दिया जा रहा था। आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट करोड़ों रुपये की इस हेराफेरी और संवेदनशील मामले को देखते हुए प्रशासन इसके खिलाफ बेहद सख्त रुख अपना रहा है। केस की आगे की विवेचना के लिए किसी वरिष्ठ आईपीएस या पीपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जा रही है। चूंकि इस चोरी की घटना को एक सोचे-समझे संगठित अपराध (Organized Crime) की तरह अंजाम दिया गया है, इसलिए पुलिस और विधि विशेषज्ञों का साफ कहना है कि प्रारंभिक विवेचना पूरी होते ही टिन्नू यादव, सुभाष और उनके सहयोगियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी और इनकी अवैध संपत्तियों को भी कुर्क किया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: जिले में मोहर्रम को लेकर अलर्ट मोड पर पुलिस; एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर रातभर चली चेकिंग ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]