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Breaking: भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास; अमेरिका में ‘सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज’ का खिताब किया अपने नाम

by Tarun Bhardwaj • August 7, 2026
Indian Grandmaster R. Praggnanandhaa makes history

Breaking: भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास; अमेरिका में ‘सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज’ का खिताब किया अपने नाम

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यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका में आयोजित ‘सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज’ शतरंज टूर्नामेंट जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। पूरे टूर्नामेंट में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखते हुए प्रज्ञानानंदा ने अपने करियर की पहली ‘ग्रैंड चेस टूर’ (GCT) ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। ब्लिट्ज राउंड के सेकंड-लास्ट मैच में उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ खेला गया मुकाबला ड्रॉ होते ही, आखिरी मैच से पहले ही प्रज्ञानानंदा का चैंपियन बनना पूरी तरह तय हो गया था। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ उन्हें लगभग 48 लाख रुपये ($50,000) की इनामी राशि और 13 महत्वपूर्ण टूर्नामेंट पॉइंट्स मिले हैं।

35 में से हासिल किए सबसे ज्यादा 23.5 पॉइंट्स

पांच दिनों तक चले इस हाई-वोल्टेज टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा लगातार पहले पायदान पर काबिज रहे, जहां उन्होंने रैपिड और ब्लिट्ज दोनों ही कैटेगरी में सबसे ज्यादा अंक बटोरकर कुल 35 में से सर्वाधिक 23.5 पॉइंट्स हासिल किए। हालांकि उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी जावोखिर सिंदारोव ने उन्हें आखिरी दिन तक कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय ग्रैंडमास्टर ने अपनी बढ़त को हाथ से फिसलने नहीं दिया। ब्लिट्ज राउंड के अंतिम 9 मुकाबलों में प्रज्ञानानंदा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मैच जीते, 5 मैच ड्रॉ खेले और सिर्फ 1 मैच गंवाया। ट्रॉफी उठाने के बाद प्रज्ञानानंदा ने कहा कि स्कोरबोर्ड देखकर भले ही लगे कि यह जीत आसान थी, लेकिन असल में ऐसा नहीं था क्योंकि सिंदारोव ने उन्हें अंत तक बहुत कड़ी चुनौती दी थी।

‘नॉर्वे चेस’ के बाद अब सिंकफील्ड कप पर नजरें

आर प्रज्ञानानंदा इस समय अपने करियर के बेहतरीन फॉर्म से गुजर रहे हैं, क्योंकि इससे पहले इसी वर्ष जून 2026 में उन्होंने ओस्लो (नॉर्वे) में आयोजित ‘नॉर्वे चेस’ का खिताब अपने नाम किया था, जहां उन्होंने अंतिम दौर में जर्मनी के विंसेंट कीमर को मात दी थी। इस शानदार जीत के बाद अब प्रज्ञानानंदा की नजरें 10 अगस्त से शुरू हो रहे ‘सिंकफील्ड कप’ पर टिकी हैं। यह टूर्नामेंट ग्रैंड चेस टूर (GCT) के फाइनल में जगह बनाने का आखिरी मौका होगा, जिसके बाद पॉइंट्स टेबल के टॉप-4 खिलाड़ियों को फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा, जहां विजेता को लगभग 1.65 करोड़ रुपये ($200,000) का भारी-भरकम इनाम दिया जाएगा।

भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर

तमिलनाडु के चेन्नई में 10 अगस्त 2005 को जन्मे आर प्रज्ञानानंदा ने बहुत ही कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। साल 2018 में मात्र 12 साल, 10 महीने और 13 दिन की उम्र में वे दुनिया के दूसरे और भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे। प्रज्ञानानंदा के परिवार में शतरंज का बेहतरीन माहौल रहा है, और उनकी बड़ी बहन आर वैशाली भी एक प्रतिष्ठित ग्रैंडमास्टर हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहरा चुकी हैं।

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