यूनिक समय, नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन देर रात करीब 3 बजे भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंच गए हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश राज्य मंत्री के.वी. सिंह ने रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति पुतिन का काफिला कड़ी सुरक्षा के बीच नई दिल्ली स्थित होटल आईटीसी मौर्या के लिए रवाना हुआ, जहां उनके प्रवास की विशेष व्यवस्था की गई है। पीएम मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता ब्रिक्स सम्मेलन के औपचारिक सत्रों से इतर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने पर गहन मंथन होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, वार्ता में रूस के पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट Su-57 की खरीद, उन्नत ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली और अन्य आधुनिक रक्षा सौदों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। रूस ने भारत को न केवल यह फाइटर जेट बेचने बल्कि 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में ही इसके निर्माण और महत्वपूर्ण तकनीक (Technology Transfer) साझा करने की पेशकश की है। भारत की प्राथमिकता इस डील के जरिए ऐसी तकनीक हासिल करना है, जिसका उपयोग भविष्य में स्वदेशी लड़ाकू विमानों (AMCA) के विकास में किया जा सके। 'फ्लाइंग क्रेमलिन' से पहुंचे पुतिन राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा बेहद उच्च स्तरीय सुरक्षा इंतजामों के साथ हो रहा है। पुतिन अपने विशेष विमान IL-96-300PU से भारत पहुंचे हैं, जिसे हवा में तैरता हुआ राष्ट्रपति कमांड सेंटर या 'फ्लाइंग क्रेमलिन' कहा जाता है। इससे पूर्व गुरुवार को नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट पर रूस के तीन विशालकाय ट्रांसपोर्ट प्लेन (IL-76) पहुंचे, जिनके जरिए पुतिन की अत्यधिक सुरक्षित 'ऑरस सीनेट' (Aurus Senat) बख्तरबंद लिमोजिन कार और काफिले के अन्य वाहन भारत लाए गए। त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया गया है। उनकी आंतरिक सुरक्षा की कमान रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (FSO) के हाथों में है, जबकि बाहरी सुरक्षा का जिम्मा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने संभाला है। रूसी प्रतिनिधिमंडल में प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और वरिष्ठ राजनयिक भी शामिल हैं, जो पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रपति को परोसे जाने वाले भोजन की जांच के लिए विशेष रूसी रसोइयों की टीम भी साथ आई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: BRICS Summit: अभेद्य सुरक्षा घेरे में राजधानी दिल्ली; 30 हजार से अधिक जवान और 500 एफआरएस कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नज़र ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]